उत्तराखण्ड
14 रुपये के कैरी बैग पर 25 हजार का जुर्माना, उपभोक्ता आयोग ने बेबी हग कंपनी को ठहराया दोषी।

संवादसूत्र देहरादून: ब्रांडेड पेपर कैरी बैग के नाम पर ग्राहक से 14.50 रुपये अतिरिक्त वसूलना बेबी हग कंपनी को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, देहरादून ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा मानते हुए कंपनी पर कुल 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
मामला वर्ष 2022 का है, जब परिवादी अभिषेक वर्मा ने अपने अधिवक्ता शिवा वर्मा के माध्यम से आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उन्होंने अपनी पुत्री के लिए बेबी हग स्टोर से कपड़े खरीदे थे, लेकिन बिलिंग के दौरान कंपनी ने पेपर कैरी बैग के लिए 14.50 रुपये अतिरिक्त वसूल लिए। खास बात यह रही कि उस बैग पर कंपनी का प्रचारात्मक लोगो और स्लोगन भी छपा हुआ था।
परिवादी की ओर से तर्क दिया गया कि स्टोर में कहीं भी यह सूचना प्रदर्शित नहीं थी कि कैरी बैग के लिए अलग से शुल्क लिया जाएगा। साथ ही, किसी भी ग्राहक को कंपनी के विज्ञापन वाले बैग के लिए भुगतान करने को बाध्य नहीं किया जा सकता। इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन बताया गया।
करीब चार वर्ष तक चले मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग ने स्पष्ट कहा कि कंपनी अपने प्रचार वाले बैग के लिए शुल्क नहीं ले सकती। आयोग ने इसे सेवा में कमी करार देते हुए आदेश दिया कि कंपनी 45 दिनों के भीतर 14.50 रुपये वापस करे, 20 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और 5 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में अदा करे।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि 20 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि में से 10 हजार रुपये परिवादी को दिए जाएंगे, जबकि शेष 10 हजार रुपये उपभोक्ता कल्याण निधि में जमा कराए जाएंगे। आदेश का पालन तय समय में नहीं होने पर 15 फरवरी 2022 से भुगतान की तिथि तक 7 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा।




