उत्तराखण्ड
51 करोड़ की विकास योजनाओं को मिली हरी झंडी,आयुष से नगर निकायों तक होंगे बहुआयामी कार्य।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए लगभग 51 करोड़ रुपये की लागत की विकास योजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। इन स्वीकृतियों से आयुर्वेदिक क्षेत्र, शहरी सुविधाओं, अतिथि गृहों के उन्नयन, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और जनकल्याणकारी अभियानों को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेदिक फार्मेसी, हरिद्वार में औषधि निर्माण और प्रसंस्करण के लिए औद्योगिक शेड एवं भंडारण सुविधा के निर्माण हेतु ₹25.74 करोड़ तथा आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं निदेशालय भवन के विस्तारीकरण के लिए ₹7.44 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है। इसके अतिरिक्त राज्य अतिथि गृह सर्किट हाउस चम्पावत के विस्तारीकरण, जीर्णोद्धार एवं अनुरक्षण कार्यों के लिए ₹11.41 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए नगर पालिका परिषद नगला क्षेत्र में एलईडी/स्ट्रीट लाइट कार्यों हेतु ₹99.17 लाख तथा प्रदेश के 14 नगर निकायों में कूड़ा उठान के लिए वाहनों की खरीद हेतु ₹15.95 लाख की स्वीकृति दी गई है।
मुख्यमंत्री ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के अंतर्गत समस्त जनपदों की न्याय पंचायतों और ग्राम पंचायतों में कैम्पों के आयोजन के लिए ₹3.16 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करने का भी अनुमोदन प्रदान किया है। यह अभियान 17 दिसम्बर 2025 से संचालित है, जिसके माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाया जा रहा है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन के तहत भी कई महत्वपूर्ण स्वीकृतियां दी गई हैं। इनमें विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ में सुवालेख से चण्डिका घाट तक ट्रेक रूट एवं चण्डिका घाट मेला स्थल के विकास के लिए ₹50 लाख, विण क्षेत्र में जमराड़ी से रन्तोडा बडखेत तक ट्रेकिंग रूट निर्माण हेतु ₹67.45 लाख, जनपद अल्मोड़ा के सल्ट विधानसभा क्षेत्र के मुख्य बाजारों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए ₹50.68 लाख तथा जनपद चमोली के कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के आदर्श ग्राम पंचायत सारकोट में प्रस्तावित निर्माण कार्यों एवं सोलर चैन लिंक्ड फेंसिंग हेतु ₹39 लाख की योजनाएं शामिल हैं।
इन स्वीकृतियों के साथ संबंधित शासनादेश भी तत्काल जारी कर दिए गए हैं, जिससे योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त हुआ।




