उत्तराखण्ड
हर सोमवार होगा ‘समाधान दिवस’, शिकायतों की ऑनलाइन ट्रैकिंग से होगा त्वरित निस्तारण।


संवादसूत्र देहरादून, 1 जून। जन समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाले जनता दरबार को अब ‘समाधान दिवस’ के रूप में संचालित करने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि सभी शिकायतों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा, जिससे उनकी नियमित मॉनिटरिंग, ट्रैकिंग और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो सकेगा।
सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समाधान दिवस में कुल 132 लोगों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवादों से संबंधित थीं। इसके अलावा ऋण माफी, आर्थिक सहायता, सड़क, पैदल पुलिया और सार्वजनिक मार्गों से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई की गई।
भूमि विवादों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने जनपद स्तर पर एक उच्च स्तरीय विशेष सेल गठित करने के निर्देश दिए। यह सेल सीमांकन, कब्जा, अतिक्रमण, किरायेदारी विवाद, ऋण भुगतान और अन्य राजस्व मामलों का फास्ट ट्रैक मोड में निस्तारण करेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि सड़क संपर्क से वंचित दूरस्थ गांवों में गर्भवती महिलाओं का डेटा तैयार कर उनकी नियमित निगरानी की जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को समय रहते सुरक्षित अस्पतालों में भर्ती कराने तथा अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए टोकन व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए गए।
समाधान दिवस में 89 वर्षीय पूर्व सैनिक राधेश्याम ने किरायेदार द्वारा मकान खाली न करने और धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी को मामले का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। वहीं बुजुर्ग भरत भूषण मित्तल द्वारा निजी संपत्ति पर अवैध कब्जे और धमकी की शिकायत पर एसडीएम सदर को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
ग्राम कुंजा ग्रांट में सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण की शिकायत पर एसडीएम विकासनगर को दोनों पक्षों की सुनवाई कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। विशलाड़, अठगांव, बोंदूर, तपलाड़ और द्वारखात क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फसलों को हुई क्षति के मामलों में पीएम फसल बीमा योजना के तहत त्वरित मुआवजा दिलाने के लिए उद्यान विभाग को जांच के निर्देश दिए गए।
डालनवाला निवासी मुस्कान ने आर्थिक तंगी के कारण पुत्र की स्कूल फीस जमा न कर पाने और प्रमाणपत्र रोके जाने की समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखी। इस पर एसडीएम सदर को स्कूल प्रशासन से समन्वय स्थापित कर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा डोईवाला निवासी विधवा लता थपलियाल और आराघर निवासी बुजुर्ग महिला मंचल बाला ने आर्थिक सहायता की मांग रखी।
जनजातीय क्षेत्रों चकराता, क्वांसी और लाखामंडल में ‘खुशियों की सवारी’ एंबुलेंस सेवा शुरू करने तथा देहरादून-डोईवाला-भानियावाला-जौली-थानो मार्ग पर परिवहन निगम, स्मार्ट सिटी अथवा इलेक्ट्रिक बस सेवा संचालित करने के प्रस्तावों पर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को नागरिकों की शिकायतों का प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।




