उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में भीषण गर्मी की दस्तक, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष चेतावनी।

संवादसूत्र देहरादून: भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में तापमान में लगातार वृद्धि होने की संभावना है। विशेष रूप से हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और देहरादून जनपदों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस अथवा उससे अधिक पहुंच सकता है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने सभी जनपदों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पूर्वानुमान के अनुसार 18 मई को हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर एवं देहरादून में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है। वहीं नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, चम्पावत और अल्मोड़ा में तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
19 मई को हरिद्वार में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंचने का अनुमान है, जबकि ऊधम सिंह नगर, देहरादून, नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल में 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तक तापमान रहने की संभावना है। टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा, चम्पावत और निचले चमोली क्षेत्रों में तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
20 मई को भी हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहने की संभावना जताई गई है। देहरादून, नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच तथा टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा, चम्पावत और निचले पर्वतीय क्षेत्रों में 30 से 35 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है।
21 और 22 मई को भी हरिद्वार एवं ऊधम सिंह नगर में भीषण गर्मी जारी रहने की संभावना है। इन जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रह सकता है, जबकि देहरादून, नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल में 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तथा टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा और चम्पावत में 30 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने का अनुमान है।
SEOC ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि अत्यधिक गर्मी को देखते हुए आमजन को सावधानियों के प्रति जागरूक किया जाए। लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग को हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और गर्मी से जुड़ी बीमारियों से निपटने के लिए अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पेयजल और विद्युत आपूर्ति सुचारु बनाए रखने, विद्यालयों, निर्माण स्थलों और बाहरी कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने तथा बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।




