उत्तराखण्ड
चारधाम यात्रा से पहले एलपीजी आपूर्ति पर सरकार अलर्ट,घबराहट में बुकिंग न करने की अपील।

संवादसूत्र देहरादून: इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) उत्तराखंड के राज्य स्तरीय समन्वयक कृष्ण कुमार गुप्ता ने जानकारी दी कि आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए राज्य में एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों के बावजूद उत्तराखंड में एलपीजी की आपूर्ति लगातार जारी है। हालांकि उपभोक्ताओं द्वारा घबराहट में अधिक बुकिंग करने के कारण वर्तमान में लगभग 6.97 दिनों का बैकलॉग बना हुआ है।
डिजिटल बुकिंग पर जोर, भीड़ से बचने की सलाह
आईओसीएल ने नागरिकों से अपील की है कि वे एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें और अनावश्यक रूप से गैस एजेंसियों पर जाने से बचें। वर्तमान में लगभग 85% बुकिंग ऑनलाइन हो रही हैं, जबकि डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) आधारित वितरण 53% से बढ़कर 90% तक पहुंच गया है।
आपूर्ति और मांग की स्थिति
राज्य में घरेलू एलपीजी की औसत आपूर्ति करीब 18 लाख सिलेंडर प्रतिमाह है। मार्च में जहां प्रतिदिन लगभग 65 हजार सिलेंडर की आपूर्ति हो रही थी, वहीं अब यह घटकर करीब 56 हजार प्रतिदिन रह गई है। गैर-घरेलू आपूर्ति भी कम होकर लगभग 2,600 सिलेंडर प्रतिदिन रह गई है, जिसमें अस्पताल, होटल और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है।
कड़ी निगरानी, कालाबाजारी पर कार्रवाई
जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए राज्य में सख्त निगरानी की जा रही है। अब तक 5,681 निरीक्षण और 301 छापेमारी में 16 एफआईआर दर्ज, 7 गिरफ्तारियां और 16 नोटिस जारी किए गए हैं।
पेट्रोल-डीजल की स्थिति सामान्य
राज्य में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। कुल 978 पेट्रोल पंप सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं, जिनमें पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
वैकल्पिक ईंधन पर भी जोर
राज्य में सिटी गैस वितरण के तहत 5 कंपनियां कार्यरत हैं, जो सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति कर रही हैं। मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख गैस कनेक्शन स्थापित किए गए हैं और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण हुए हैं।
अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की फेक न्यूज पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। सहायता के लिए 112 और 1070 हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
आईओसीएल के समन्वयक कृष्ण कुमार गुप्ता ने कहा कि राज्य में एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है, इसलिए नागरिक घबराकर खरीदारी न करें और ऊर्जा की बचत करते हुए जिम्मेदारी से उपभोग करें।




