उत्तराखण्ड
1.11 लाख करोड़ से अधिक का बजट पेश, ‘GYAN’ मॉडल पर सरकार का फोकस।

संवादसूत्र देहरादून/भराड़ीसैंण (चमोली): उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा में शुरू हुए बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने वर्ष 2026-27 के लिए 1.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। राज्य के राजनीतिक इतिहास में पहली बार राज्यपाल के अभिभाषण के दिन ही सदन में बजट प्रस्तुत किया गया।
सरकार ने इस बजट को “GYAN” मॉडल पर आधारित बताया है, जिसमें G – गरीब कल्याण, Y – युवा, A – अन्नदाता और N – नारी सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। बजट में विभिन्न क्षेत्रों के लिए कई नई योजनाओं और वित्तीय प्रावधानों की घोषणा की गई।
गरीब कल्याण पर विशेष जोर
गरीब और जरूरतमंद वर्ग के कल्याण के लिए कई योजनाओं में धनराशि का प्रावधान किया गया है।
अन्नपूर्ति योजना के लिए 1300 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 298.35 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (शहरी) के लिए 56.12 करोड़ रुपये
ईडब्ल्यूएस आवास के लिए 25 करोड़ रुपये
परिवहन निगम की बसों में पात्र यात्रियों को निःशुल्क यात्रा के लिए 42 करोड़ रुपये
रसोई गैस पर अनुदान के लिए 43.03 करोड़ रुपये
दिव्यांग, तीलू रौतेली और अन्य पेंशन योजनाओं के लिए 167.05 करोड़ रुपये।
अन्नदाता के लिए योजनाएं
किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को प्रोत्साहन देने के लिए भी कई प्रावधान किए गए हैं।
ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए 39.90 करोड़ रुपये
मिशन एप्पल योजना के लिए 42 करोड़ रुपये
दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना के लिए 32 करोड़ रुपये
मिलेट मिशन के लिए 12 करोड़ रुपये
किसान पेंशन योजना के लिए 12.06 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए 160.13 करोड़ रुपये
युवाओं को रोजगार और कौशल पर फोकस
युवा सशक्तीकरण के लिए स्वरोजगार और कौशल विकास योजनाओं को बढ़ावा दिया गया है।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60 करोड़ रुपये
पलायन रोकथाम योजना के लिए 10 करोड़ रुपये
पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए 62.29 करोड़ रुपये
गैर-सरकारी महाविद्यालयों को सहायता अनुदान के लिए 155.38 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के लिए 10 करोड़ रुपये
नई योजनाओं की घोषणा
बजट में कई नई योजनाओं और परियोजनाओं के लिए भी धनराशि तय की गई है।
कुंभ मेला अवस्थापना विकास के लिए 1027 करोड़ रुपये
पर्यटन अवसंरचना के लिए 100 करोड़ रुपये
हरिद्वार और ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं के लिए 10-10 करोड़ रुपये
साइबर सिक्योरिटी के लिए 15 करोड़ रुपये
एआई और उभरती तकनीकों के लिए 10.50 करोड़ रुपये
न्याय पंचायत स्तर पर स्टेडियम निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये।
नशा मुक्ति केंद्रों के लिए 4.50 करोड़ रुपये
इसके अलावा पुस्तकालय निर्माण, आपदा सखी योजना, ग्राम प्रहरी, विदेश रोजगार प्रकोष्ठ और रेस्क्यू सेंटर जैसी योजनाओं के लिए भी बजट प्रावधान किया गया है।
बजट पेश होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी गई। सरकार का दावा है कि यह बजट राज्य के समग्र विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।




