उत्तराखण्ड
तीन दिवसीय बसंतोत्सव-2026 का भव्य समापन, आईआईटी रुड़की ने जीती रनिंग ट्रॉफी।

संवादसूत्र देहरादून: लोक भवन देहरादून में आयोजित तीन दिवसीय वसंतोत्सव का रविवार को भव्य समापन हो गया। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्पों की प्राकृतिक सुंदरता और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। वसंतोत्सव-2026 की चल वैजयंती (रनिंग ट्रॉफी) आईआईटी रुड़की ने सर्वाधिक 13 श्रेणियों में पुरस्कार जीतकर अपने नाम की।
इस वर्ष आईआईटी रुड़की को 13 श्रेणियों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ, जबकि ओएनजीसी ने 4 श्रेणियों में पुरस्कार जीतकर द्वितीय स्थान हासिल किया। कुल 15 श्रेणियों की 54 उपश्रेणियों में 161 पुरस्कार वितरित किए गए।
पुरस्कार वितरण समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं पुष्कर सिंह धामी ने पुष्प प्रदर्शनी, रंगोली, बच्चों की चित्रकला, फोटोग्राफी आदि प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया।
पहली बार ‘गवर्नर्स अवार्ड’ की शुरुआत
इस वर्ष वसंतोत्सव में पहली बार ‘गवर्नर्स अवार्ड’ प्रारंभ किया गया। इसके अंतर्गत उत्कृष्ट कृषकों, महिला कृषकों और स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार कर रहे युवा कृषकों को सम्मानित किया गया।
उत्कृष्ट कृषक श्रेणी:
प्रथम – श्री दीपक गडिया (बागेश्वर)
द्वितीय – श्री कपिल शर्मा (रुद्रप्रयाग)
तृतीय – श्री शुभम सिंह (पिथौरागढ़)
महिला कृषक श्रेणी:
प्रथम – श्रीमती राधा राणा (चंपावत)
द्वितीय – श्रीमती कविता मेहरा (अल्मोड़ा)
तृतीय – श्रीमती शांति जुयाल (पौड़ी गढ़वाल)
युवा नवाचार कृषक श्रेणी:
प्रथम – श्री देवेंद्र सिंह चौहान (टिहरी)
द्वितीय – श्री पंकज मेहता (नैनीताल)
तृतीय – श्री उज्ज्वल सैनी (हरिद्वार)
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया आकर्षण
समापन समारोह में भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के पाइप बैंड की मधुर धुनों ने वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की।
राज्यपाल का संदेश
राज्यपाल ने कहा कि तीन दिनों में लगभग साढ़े तीन लाख लोगों के चेहरों पर दिखाई दी प्रसन्नता ही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि वसंतोत्सव का उद्देश्य फूलों के माध्यम से सकारात्मकता, संतुलन और रचनात्मकता का संचार करना रहा। उन्होंने नवाचार को विकसित भारत 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री का संबोधन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वसंतोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की प्राकृतिक संपदा, कृषि शक्ति और उभरती हरित अर्थव्यवस्था का उत्सव है। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में लगभग 656 हेक्टेयर क्षेत्र में व्यावसायिक पुष्प खेती की जा रही है। राज्य सरकार की समग्र पुष्प नीति, मंडी शुल्क में छूट, विपणन सुविधा और मौनपालन अनुदान जैसी योजनाएं किसानों को प्रोत्साहित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगभग 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति लागू की गई है, जिनमें 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
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