उत्तराखण्ड
हिमाद्रि आइस रिंक: उत्तराखंड की ‘खेलभूमि’ पहचान को नई उड़ान।




संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमाद्रि आइस रिंक की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में शामिल होकर इसे देश और प्रदेश की शान बताया। उन्होंने कहा कि यह भारत की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक है, जो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 8.5 करोड़ रुपये की लागत से इस आइस रिंक का जीर्णोद्धार किया गया और इसके संचालन के लिए 1 मेगावाट का सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है, जिससे हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में यह केंद्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का प्रमुख मंच बनकर उभरा है। यहां नेशनल आइस स्केटिंग चैंपियनशिप, आइस हॉकी लीग और विभिन्न प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए। खास तौर पर एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी की सफल मेजबानी को उन्होंने ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, जिसमें 11 देशों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे अभियानों से देश में खेल संस्कृति को मजबूती मिली है, और उत्तराखंड भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य में ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ लागू किया जाएगा, जिसके तहत 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। इससे हर साल सैकड़ों खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा।
इसके साथ ही हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना पर तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया, जिससे प्रदेश को “देवभूमि” के साथ “खेलभूमि” की नई पहचान मिली है।
कार्यक्रम में खेल मंत्री रेखा आर्य समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में खिलाड़ी व खेल प्रेमी उपस्थित




