उत्तराखण्ड
चारधाम यात्रा 2026: पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने की ऐतिहासिक पहल।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए व्यापक और तकनीक आधारित योजना तैयार की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
मुख्य फैसले और व्यवस्थाएं:
🚫 सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध
🎯 “मनी बैक” प्लास्टिक योजना पूरे प्रदेश में लागू
🛰️ ड्रोन से कूड़ा और प्लास्टिक वेस्ट की निगरानी
🖥️ अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना
💧 वाटर एटीएम और RO प्लांट—प्लास्टिक बोतलों का विकल्प
🧹 बड़े स्तर पर सफाई अभियान और स्पेशलाइज्ड मैनपावर की तैनाती
♻️ हर दुकान पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट अनिवार्य
🐎 घोड़े-खच्चरों की लीद से बायोमास ऊर्जा उत्पादन
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की मजबूत व्यवस्था:
37 एमआरएफ सेंटर
299 कम्पोस्ट पिट
38 प्लास्टिक कम्पैक्टर मशीनें
266 कचरा परिवहन वाहन
यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं:
🚻 74 मोबाइल शौचालय इकाइयां
🏨 28,395 कमरे और 67,278 बिस्तरों की व्यवस्था
🚗 हजारों पार्किंग स्थल
💡 19,604 स्ट्रीट लाइटें
तकनीक आधारित आधुनिक प्रबंधन:
QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम
क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT)
डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम
केदारनाथ में पहली बार 24 घंटे गर्म पानी
केदारनाथ धाम में श्रद्धालुलओं को अब 24×7 मुफ्त गर्म पानी मिलेगा।
🔥 पिरूल (चीड़ की पत्तियां) और खच्चरों की लीद से बने बायोमास पैलेट्स से गीजर चलेंगे
🌲 जंगल की आग और कचरे दोनों की समस्या का समाधान
🍲 ढाबों में फायर पैलेट आधारित चूल्हों का ट्रायल
जनभागीदारी से बनेगी सफलता।
इस अभियान में ग्राम पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं, NCC कैडेट्स और महिला मंगल दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
यह पहल स्वच्छ भारत मिशन और सतत विकास के विजन को आगे बढ़ाते हुए चारधाम यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।




