उत्तराखण्ड
गणतंत्र दिवस पर सचिवालय में ध्वजारोहण, मुख्य सचिव ने दिया सेवा और संविधान का संदेश।

संवादसूत्र देहरादून: गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर प्रदेशवासियों एवं सचिवालय परिवार को शुभकामनाएँ दीं।
अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि गणतंत्र दिवस महान संकल्प, संघर्ष और दूरदृष्टि का प्रतीक है। 26 जनवरी 1950 को भारत ने संविधान अंगीकार कर लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में अपनी पहचान स्थापित की। उन्होंने कहा कि संविधान केवल अधिकार ही नहीं देता, बल्कि कर्तव्यों का भी बोध कराता है, जिनका पालन प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से शासकीय कर्मियों की जिम्मेदारी है।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक शासकीय कर्मी जनता का सेवक है और प्रशासनिक निर्णय नागरिकों के जीवन को सीधे प्रभावित करते हैं, इसलिए शासन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है। उन्होंने सचिवालय को राज्य की नीति की धड़कन बताते हुए कहा कि आज का युग परिणामों का है, जहाँ योजनाओं का असर ज़मीन पर दिखना चाहिए।
उन्होंने अनुशासन, समयबद्धता, नागरिकों के प्रति सम्मान और नैतिक आचरण को प्रशासन की पहचान बनाने का आह्वान किया तथा विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को राज्य और कर्मचारियों का साझा संकल्प बताया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव, सचिवगण, अपर सचिवगण, सचिवालय के अधिकारी-कर्मचारी एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।




