उत्तराखण्ड
मध्य क्षेत्रीय परिषद् की बैठक में सीएम ने उठाए नंदा राजजात और कुंभ 2027 के मुद्दे।

संवादसूत्र देहरादून: छत्तीसगढ़ के बस्तर में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद् की 26वीं बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। बैठक में राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, आंतरिक सुरक्षा, आधारभूत संरचना विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और क्षेत्रीय विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में उत्तराखंड से जुड़े विषयों को प्रमुखता से रखते हुए कहा कि राज्यों के बीच बेहतर संवाद, सहयोग और समन्वय से ही देश के संतुलित और समग्र विकास को नई गति मिल सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सहकारी संघवाद को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली विश्वप्रसिद्ध नंदा राजजात यात्रा 2027 और कुम्भ मेला 2027 की तैयारियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि ये आयोजन केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए केंद्र और राज्यों के समन्वित सहयोग की आवश्यकता होगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक विरासत और आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों के सहयोग से नंदा राजजात यात्रा और कुंभ मेले का आयोजन भव्य, सुरक्षित और ऐतिहासिक रूप से सफल होगा।
बैठक में आंतरिक सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण, सीमावर्ती राज्यों के बीच समन्वय, आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने और तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए राज्यों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त प्रयासों को और मजबूत करना जरूरी है।
इस अवसर पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।




