उत्तराखण्ड
बढ़ती गर्मी से बिजली मांग में उछाल, मुख्य सचिव ने दिए अतिरिक्त प्रबंधन के निर्देश।

संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखण्ड में बढ़ती गर्मी और हीट वेव के चलते बिजली की मांग में तेज़ उछाल को देखते हुए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के साथ राज्य में विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने मई-जून में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त विद्युत प्रबंधन के ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से ही सुनिश्चित कर ली जाएं, ताकि पीक डिमांड के समय किसी प्रकार की समस्या न आए।
समीक्षा के दौरान यूपीसीएल ने बताया कि देशभर में हीट वेव के कारण बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते गैस की सीमित उपलब्धता से गैस आधारित बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है, वहीं नदियों में जल स्तर कम होने से जल विद्युत उत्पादन में भी गिरावट आई है। चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 5% मांग वृद्धि दर्ज की जा रही है, जबकि इंडक्शन कुकर व अन्य उपकरणों के बढ़ते उपयोग से 50 से 100 मेगावाट तक अतिरिक्त लोड बढ़ा है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। 24 अप्रैल 2026 को देश की अधिकतम बिजली मांग लगभग 252 गीगावाट दर्ज की गई, जो पिछले रिकॉर्ड से अधिक है। वहीं उत्तराखण्ड में 25 अप्रैल को अधिकतम मांग 2647 मेगावाट तक पहुंच गई।
स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त बिजली की मांग की है। केंद्र सरकार द्वारा केन्द्रीय पूल से 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला है। साथ ही ऊर्जा एक्सचेंज के माध्यम से अग्रिम बिजली खरीद और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के जरिए आपूर्ति संतुलित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक के दौरान हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड के साथ भी जून माह के लिए बिजली बैंकिंग व्यवस्था पर चर्चा हुई, जिसमें सकारात्मक प्रगति की बात कही गई।
यूपीसीएल ने उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया कि इस चुनौतीपूर्ण समय में भी निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की गई कि वे पीक आवर्स में बिजली का संयमित उपयोग करें, ताकि सभी को समान रूप से आपूर्ति मिल सके।




