उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में वनाग्नि का बढ़ता खतरा, 350 से ज्यादा घटनाओं में सैकड़ों हेक्टेयर जंगल प्रभावित।

संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखंड में वनाग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। प्रदेश में अब तक 350 से अधिक आग की घटनाओं में सैकड़ों हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंच चुका है। कई वन प्रभाग अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं, जबकि फायर सीजन समाप्त होने में अभी समय बाकी है।
वन विभाग के अनुसार गढ़वाल रीजन में अब तक 285 वनाग्नि की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 241 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है। वहीं कुमाऊं रीजन में 74 घटनाओं में करीब 64 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा वन्यजीव क्षेत्रों में 35 घटनाओं के कारण 25 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में जैव विविधता प्रभावित हुई है।
मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि नियंत्रण सुशांत पटनायक ने बताया कि बदरीनाथ, पिथौरागढ़, पौड़ी और रुद्रप्रयाग वन प्रभाग वनाग्नि के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील बने हुए हैं। आग लगने की सूचना मिलते ही विभागीय टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर नियंत्रण कार्य में जुट रही हैं।
उन्होंने बताया कि मौसम विभाग ने आगामी दिनों में बारिश की संभावना जताई है। यदि बारिश होती है तो जंगल की आग की घटनाओं पर काफी हद तक नियंत्रण मिलने की उम्मीद है।




