उत्तराखण्ड
मतदाता पुनरीक्षण में तेजी लाने के निर्देश, कमजोर जिलों पर सख्त रुख।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी जनपद SIR के लिए ठोस और समयबद्ध एक्शन प्लान तैयार करें।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में कम मैपिंग वाले जिलों पर नाराजगी जताते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 87 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन देहरादून, उधमसिंह नगर और नैनीताल में प्रगति संतोषजनक नहीं है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी बीएलओ के साथ SIR कार्य में लगाया जाए। साथ ही बीएलओ के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से जारी रखने पर जोर दिया गया।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि SIR से पहले प्रत्येक बूथ पर शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए राजनीतिक दलों के साथ समन्वय बैठकों का आयोजन किया जाए।
इसके अतिरिक्त, गणना प्रपत्रों के समयबद्ध वितरण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े रहे।




