उत्तराखण्ड
कुम्भ मेला 2027: मुख्य सचिव का हरिद्वार में निरीक्षण, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यों पर जोर।


संवादसूत्र देहरादून/हरिद्वार, 2 अप्रैल 2026: कुम्भ मेला–2027 की तैयारियों को लेकर प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को हरिद्वार में विभिन्न निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं तय समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं और विभागीय समन्वय को मजबूत बनाकर कार्यों में तेजी लाई जाए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने शहीद भगत सिंह घाट से सिंहद्वार तक निर्माणाधीन घाटों और बैरागी कैम्प घाट का जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक मानकों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए रैम्प, चेंजिंग रूम और प्रसाधन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। साथ ही ‘ग्रीन घाट’ विकसित कर हरित पट्टियों और पौधारोपण से सौंदर्यीकरण करने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने पथरी रौ नदी पर बन रहे 60 मीटर लंबे पुल, बहादराबाद–सिडकुल मार्ग के चौड़ीकरण और धनौरी–सिडकुल लिंक मार्ग पर निर्माणाधीन 90 मीटर स्पान के पुल के कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने और गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने हरिद्वार बाईपास रिंग रोड परियोजना की समीक्षा करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने और साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही दिल्ली राजमार्ग पर बन रहे फ्लाईओवर को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने को कहा।
बैरागी कैम्प में 1500 किलोलीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक सहित जलापूर्ति से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कुम्भ के दौरान स्वच्छ पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि कुम्भ मेला–2027 एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। ऐसे में यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने मेला नियंत्रण भवन स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और आधुनिक आईटी व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को बढ़ाने के निर्देश दिए।
इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।




