उत्तराखण्ड
शक्तिफार्म-सिडकुल पुल का शिलान्यास।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को सितारगंज के शक्तिफार्म क्षेत्र को सिडकुल से जोड़ने के लिए सिसौना नदी पर बनने वाले 150 मीटर स्पान सीसी पुल का शिलान्यास किया। लगभग 11 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल से क्षेत्र के करीब 50 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुल निर्माण से सिडकुल सितारगंज और विकासखंड कार्यालय सिसौना तक पहुंचने की दूरी लगभग 9 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुल केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार शहरों से लेकर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि ऊधमसिंह नगर और शक्तिफार्म-सितारगंज क्षेत्र में कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। शक्तिफार्म में पीपीपी मॉडल के तहत आधुनिक डेयरी प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा रही है, जहां मिल्क पाउडर, आइसक्रीम और चीज का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा प्रह्लाद पलसिया में लगभग 54 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे एक्वा पार्क का 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पीएचसी को 30 बेड के सीएचसी में उच्चीकृत किया गया है। साथ ही सितारगंज-टनकपुर फोरलेन सड़क, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, विभिन्न मोटर मार्गों और मल्टी स्टोरी पार्किंग के निर्माण कार्य भी प्रगति पर हैं।
उन्होंने कहा कि जनपद ऊधमसिंह नगर के किच्छा क्षेत्र में लगभग 351 करोड़ रुपये की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाईअड्डे के निर्माण की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त गदरपुर और खटीमा बाईपास, आधुनिक बस अड्डों, खेल स्टेडियम, साइकिलिंग ट्रैक और औद्योगिक परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र को नई पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना को पुनः शुरू कर तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। किसानों के हित में गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि भी की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर जनता को समर्पित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और पारदर्शी प्रशासन को भी प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आई है और पिछले साढ़े चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए किए जा रहे कार्य ऐतिहासिक हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख उपकार सिंह बल, जिलाधिकारी , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।




