उत्तराखण्ड
विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में बड़ा हादसा टला, लोको ट्रेनों की टक्कर,109 श्रमिक थे सुरंग में, 4 भर्ती।


संवादसूत्र देहरादून/चमोली: चमोली जनपद के पीपलकोटी क्षेत्र में निर्माणाधीन टीएचडीसी विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) साइट पर मंगलवार को शिफ्ट परिवर्तन के दौरान एक गंभीर हादसा हो गया। सुरंग के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई। घटना के समय सुरंग के भीतर कुल 109 श्रमिक मौजूद थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
हादसे की सूचना मिलते ही परियोजना प्रबंधन और जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। सुरंग में मौजूद श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल उपचार के लिए चिकित्सालयों में भेजा गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी चमोली से दूरभाष पर वार्ता कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उच्च चिकित्सालयों में रेफर किया जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी चमोली श्री गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार तुरंत जिला चिकित्सालय गोपेश्वर पहुंचे। उन्होंने वहां भर्ती घायलों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना और चिकित्सकों को उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी गई।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि हादसे के बाद 70 श्रमिकों को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया, जिनमें से 66 श्रमिकों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। वहीं 04 श्रमिकों की हालत को देखते हुए उन्हें चिकित्सालय में भर्ती किया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। इसके अतिरिक्त पीपलकोटी स्थित विवेकानंद चिकित्सालय में 18 श्रमिकों का प्राथमिक उपचार किया गया, जिन्हें उपचार के बाद घर भेज दिया गया। जबकि 21 श्रमिकों को कोई चोट नहीं आई, वे घटना स्थल से ही सुरक्षित अपने घर चले गए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी श्रमिक खतरे से बाहर हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। साथ ही परियोजना स्थल पर सुरक्षा मानकों और कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जिला प्रशासन एवं परियोजना प्रबंधन द्वारा संयुक्त रूप से आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।




