उत्तराखण्ड
धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: पर्यटन, शिक्षा, न्याय, कृषि और पर्यावरण से जुड़े 19 महत्वपूर्ण निर्णय।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के किसानों, कर्मचारियों, युवाओं, न्याय व्यवस्था, पर्यटन और पर्यावरण से जुड़े 19 अहम निर्णयों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट के फैसलों का सीधा लाभ राज्य के उपनल कर्मियों, गन्ना किसानों, बागवानों, युवाओं और सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचेगा।
- उपनल कर्मियों को बड़ी राहत
- कैबिनेट ने उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को समान कार्य–समान वेतन का लाभ देने का निर्णय लिया। प्रथम चरण में 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण कर चुके उपनल कर्मियों को यह लाभ दिया जाएगा।
- गन्ना किसानों के लिए कीमत तय
- पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य तय किया गया।
- अगेती प्रजाति: ₹405 प्रति क्विंटल
- सामान्य प्रजाति: ₹395 प्रति क्विंटल
- इसके साथ ही गन्ना विकास अंशदान ₹5.50 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया।
- चीनी मिलों को ₹270 करोड़ की सरकारी गारंटी
- राज्य की सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों (डोईवाला, किच्छा, नादेही, बाजपुर) को बैंकों से ऋण लेने के लिए ₹270.28 करोड़ की शासकीय प्रत्याभूति प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
- न्याय व्यवस्था को मजबूती
- NDPS, POCSO, भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और NI Act मामलों के त्वरित निस्तारण हेतु देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में 16 विशेष न्यायालयों के गठन को मंजूरी दी गई। इसके लिए 144 नए पद सृजित होंगे।
- बागवानी किसानों को अतिरिक्त सहायता
- एंटीहेल नेट योजना में केंद्र की 50% सहायता के अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा 25% अतिरिक्त अनुदान देने का फैसला किया गया, जिससे सेब व अन्य फल उत्पादकों को ओलावृष्टि से सुरक्षा मिलेगी।
- दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र
- दून विश्वविद्यालय में सेंटर ऑफ हिन्दू स्टडीज के संचालन के लिए 6 पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई।
- पर्यटन और होमस्टे नीति में बड़ा बदलाव
- नई उत्तराखण्ड पर्यटन, यात्रा व्यवसाय, होम-स्टे एवं बेड एंड ब्रेकफास्ट पंजीकरण नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई। अब होम-स्टे का लाभ केवल राज्य के स्थायी निवासी ही ले सकेंगे।
- ब्रिडकुल को नई जिम्मेदारी
- ब्रिडकुल को अब रोपवे, मैकेनाइज्ड पार्किंग और टनल पार्किंग जैसे निर्माण कार्यों के लिए अधिकृत किया गया।
- संस्कृत अकादमी का नाम बदला
- उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी का नाम बदलकर “उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम्” किया गया।
- केदारनाथ में पर्यावरण संरक्षण की पहल
- श्री केदारनाथ धाम में खच्चरों के गोबर और चीड़ की पत्तियों से बायोमास ईंधन पेलेट बनाने के लिए एक वर्ष के पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई।
- अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
- यू-कॉस्ट के तहत अल्मोड़ा और चम्पावत विज्ञान केंद्रों में 12 पद सृजन
- खेल महाकुंभ में विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी
- समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश को मंजूरी
- पंचम विधानसभा के 2026 के प्रथम सत्र के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया
- इन फैसलों को प्रदेश के समग्र विकास, सुशासन और जनकल्याण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।




