उत्तराखण्ड
धामी कैबिनेट के बड़े फैसले:सस्ता लोन, सोलर सब्सिडी, भर्ती नियमों में राहत और ‘वीर उद्यमी योजना’ को मंजूरी।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका असर प्रशासन, किसानों, युवाओं और कर्मचारियों पर व्यापक रूप से पड़ेगा। बैठक में विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ-साथ जनहित योजनाओं को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग की एडीबी समर्थित पुल सुधार परियोजना के तहत एक करोड़ रुपये से अधिक की कंसलटेंसी टेंडर को मंजूरी दी। न्याय विभाग के अंतर्गत न्यायिक अधिकारियों को वाहन खरीदने के लिए 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन देने का निर्णय लिया गया, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों पर 4% और अन्य वाहनों पर 5% ब्याज दर तय की गई है।
वन विभाग में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पद के लिए न्यूनतम सेवा अवधि को 25 वर्ष से घटाकर 22 वर्ष कर दिया गया है, जिससे पदोन्नति के अवसर बढ़ेंगे। ऊर्जा विभाग के तहत प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में 31 मार्च 2025 तक संयंत्र स्थापित करने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी देने की अनुमति भी दी गई है।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय से संबंधित परिनियम को मंजूरी दी गई, जबकि गृह विभाग के अंतर्गत लोक और निजी संपत्ति वसूली अधिनियम की नियमावली लागू करने तथा होमगार्ड्स सेवा संशोधन नियमावली को भी स्वीकृति मिली। साथ ही पुलिस में डिजिटल जांच व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई।
भर्ती प्रक्रिया में राहत देते हुए कैबिनेट ने वर्दीधारी पदों के लिए पूर्व की नियमावली को अगले तीन वर्षों तक लागू रखने का निर्णय लिया है। वहीं माध्यमिक शिक्षा में शिक्षकों की सेवा मान्यता के मुद्दे पर उपसमिति गठित की जाएगी।
किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए रबी सत्र 2026-27 के लिए गेहूं खरीद पर 2585 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू किया गया है और 2.2 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही मंडी शुल्क को 2% तक सीमित रखने का निर्णय लिया गया।
उद्योग विभाग की ‘उत्तराखण्ड वीर उद्यमी योजना 2026’ को भी मंजूरी दी गई, जिसमें पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए 10% आरक्षण और अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान है। अंत में, राज्य योजना आयोग के स्थान पर ‘सेतु आयोग’ के गठन और पंचम विधानसभा सत्र 2026 के सत्रावसान को भी स्वीकृति प्रदान की गई।




