उत्तराखण्ड
उत्तराखंड के माल्टा को मिलेगी नई पहचान,माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा।



संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजकीय उद्यान सर्किट हाउस, गढ़ीकैंट में आयोजित उत्तराखंड माल्टा महोत्सव का शुभारंभ करते हुए राज्य में माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि माल्टा उत्तराखंड की पहचान और पर्वतीय आर्थिकी का अहम हिस्सा है तथा इसके उत्पादन, ब्रांडिंग और विपणन को सशक्त करने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि उत्तराखंड के माल्टा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से दिल्ली में भी माल्टा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती गीता पुष्कर धामी के साथ विभिन्न जनपदों से आए माल्टा एवं नींबू वर्गीय फलों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इनसे बने उत्पादों का स्वाद लिया। उन्होंने कहा कि बागवानी राज्य की आर्थिकी को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। एप्पल मिशन और कीवी मिशन की सफलता के बाद अब माल्टा मिशन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। खेती और बागवानी में नवाचार, आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ने की पहल पलायन रोकने में भी सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि राज्य में माल्टा, सेब, कीवी, नाशपाती, अखरोट, आड़ू एवं नींबू वर्गीय फलों के बागानों को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा फसल आधारित क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में माल्टा और गलगल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। बागान लगाने पर 50 प्रतिशत तक अनुदान, सूक्ष्म सिंचाई पर 70 से 80 प्रतिशत तक तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने सेलाकुई में स्थापित सुगंधित पौधों के केंद्र का उल्लेख करते हुए कहा कि महक क्रांति के माध्यम से किसानों को नई आय के अवसर मिल रहे हैं।
कार्यक्रम में पौड़ी गढ़वाल के माल्टा उत्पादक श्री हरीश के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने 53 प्रजातियों के लगभग एक हजार पौधे रोपित किए हैं, जो अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि माल्टा जैसे स्थानीय फलों के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड औद्यानिकी के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
कार्यक्रम में सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी कैलाश पंत, प्रताप सिंह पंवार, सचिव कृषि डॉ. एस.एन. पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और किसान उपस्थित रहे।




