उत्तराखण्ड
‘विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम’ पर मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ आयोजित।

संवादसूत्र देहरादून/नई टिहरी: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) देहरादून के तत्वावधान में बुधवार को जिला कार्यालय सभागार, नई टिहरी में विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी–जी राम जी अधिनियम) विषय पर मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य योजना के प्रावधानों एवं लाभों की जानकारी मीडिया के माध्यम से आम जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खंडेलवाल, सहायक निदेशक पीआईबी संजीव सुंद्रियाल, जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम, अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई अविनाश सैनी सहित जनपद के विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के लिए रोजगार और आय सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ टिकाऊ ग्रामीण अवसंरचना के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने जल सुरक्षा, ग्रामीण संपर्क मार्ग, आजीविका आधारित अवसंरचना, नेटवर्क कनेक्टिविटी तथा चरम मौसम घटनाओं से निपटने वाले कार्यों को प्राथमिकता देने पर बल दिया।
जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में आने वाली व्यवहारिक समस्याओं को शासन स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ सुचारु रूप से पहुंच सके। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
सहायक निदेशक पीआईबी संजीव सुंद्रियाल ने बताया कि विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन एवं परिवारों की आय सुरक्षा को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत प्रति ग्रामीण परिवार रोजगार गारंटी को 125 दिन किया गया है, जिससे पूर्व की तुलना में अधिक आय सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम ने बताया कि यह एकमात्र योजना है जो अकुशल श्रमिकों को भी रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान करती है। उन्होंने जानकारी दी कि रोजगार की मांग पर 15 दिनों के भीतर कार्य उपलब्ध कराना अनिवार्य है, अन्यथा बेरोजगारी भत्ता देय होता है। योजना के अंतर्गत समान कार्य के लिए समान मजदूरी तथा महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी का प्रावधान है।
अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई अविनाश सैनी ने ग्रामीण सड़क योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण देते हुए कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
कार्यशाला का संचालन वरिष्ठ पत्रकार देवेन्द्र दुमोगा ने किया। इस अवसर पर न्यू टिहरी प्रेस क्लब अध्यक्ष अनुराग उनियाल, महामंत्री विजय गुसांई, विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि एवं ग्राम प्रधान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।




