उत्तराखण्ड
आईआईटी रुड़की में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर “जिम्मेदार नवाचार” का संदेश।

संवादसूत्र देहरादून/रुड़की: आई आई टी रुड़की में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 के अवसर पर “समावेशी विकास के लिए जिम्मेदार नवाचार” विषय पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन यूकॉस्ट, आईटीडीए और लक्ष्य सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इसमें वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।
कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, सुशासन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईआईटी रुड़की के निदेशक ने की, जबकि के महानिदेशक विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
अपने संबोधन में मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार केवल आधुनिक विकास के साधन नहीं हैं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक अवसर पहुंचाने का माध्यम भी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार “तकनीकी अंत्योदय” की भावना के साथ कार्य कर रही है, ताकि तकनीक का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि वास्तविक तकनीकी विकास वही है, जब नवाचार का लाभ गांव, गरीब, किसान, छात्र और युवाओं तक पहुंचे। सरकार का उद्देश्य केवल डिजिटल विकास नहीं, बल्कि ऐसा समावेशी विकास मॉडल तैयार करना है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल शासन और तकनीकी नवाचार समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाएं।
मंत्री बत्रा ने की डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और इंडिया एआई जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत तेजी से वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में विज्ञान और तकनीक आधारित विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार और तकनीक को केवल रोजगार या करियर तक सीमित न रखें, बल्कि इसे राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने और युवाओं को भविष्य के अनुरूप कौशल से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने जिम्मेदार नवाचार, डिजिटल परिवर्तन और समावेशी विकास जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए तथा युवाओं को विज्ञान और तकनीक के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।




