उत्तराखण्ड
गैरसैंण और काण्डा में बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग, पर्वतीय शहरों को मिलेगी यातायात राहत।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग ने चमोली जनपद के गैरसैंण और बागेश्वर जनपद के काण्डा में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण परियोजनाओं को सैद्धान्तिक सहमति दे दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते यातायात दबाव को कम करना, बाजारों को व्यवस्थित करना और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय व्यय समिति की बैठकों में दोनों परियोजनाओं के विस्तृत आगणनों पर चर्चा की गई। बैठकों में आवास विभाग, वित्त विभाग, नियोजन विभाग, संबंधित जिलों के अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
गैरसैंण में 91 वाहनों की पार्किंग सुविधा
गैरसैंण में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण के लिए पेयजल निगम ने 15 करोड़ 4 लाख 35 हजार रुपये की लागत का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। प्रस्तावित परियोजना में भूतल पर 36 कार पार्किंग, 7 दुकानें और 2 कार लिफ्ट का प्रावधान रखा गया है, जबकि ऊपरी तल पर 55 कार पार्किंग और एक अतिरिक्त कार लिफ्ट प्रस्तावित है।
परियोजना में बीआरसी-सीआरसी फैकल्टी हॉल और तीन कक्षाओं का भी प्रस्ताव शामिल था, जिस पर सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि आवास विभाग की जिम्मेदारी केवल पार्किंग निर्माण तक सीमित रहेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणा के अनुरूप संशोधित प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा।
काण्डा में 53 वाहनों के लिए बनेगी पार्किंग
बागेश्वर जनपद के काण्डा में 5 करोड़ 40 लाख 85 हजार रुपये लागत की मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना पर भी विभागीय व्यय समिति ने विचार किया। परियोजना में भूतल पर 7 दुकानें और 26 कार पार्किंग तथा प्रथम तल पर 27 कार पार्किंग प्रस्तावित हैं। साथ ही शौचालय सुविधा भी विकसित की जाएगी।
सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि पार्किंग का संचालन जिला विकास प्राधिकरण, बागेश्वर द्वारा किया जाए और दुकानों का आवंटन जिला स्तरीय समिति के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए।
डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाएं केवल वाहन खड़े करने की व्यवस्था नहीं, बल्कि स्थानीय व्यापार, यातायात प्रबंधन और पर्यटन को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बनेंगी।




