उत्तराखण्ड
चारधाम यात्रा: आपदा सुरक्षा को लेकर NDMA का बड़ा आश्वासन, इम्पैक्ट फोरकास्टिंग पर जोर।

संवादसूत्र देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने उत्तराखण्ड को हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिया है। देहरादून में आयोजित टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान NDMA और उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने मिलकर आपदा तैयारियों की गहन समीक्षा की।
NDMA के सदस्य कृष्णा एस वत्स ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल उत्तराखण्ड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्विघ्न बनाने के लिए हर स्तर पर सहयोग दिया जाएगा।
इम्पैक्ट बेस्ड फोरकास्टिंग पर जोर
वत्स ने निर्देश दिए कि यात्रियों को इम्पैक्ट बेस्ड फोरकास्टिंग (प्रभाव आधारित मौसम पूर्वानुमान) भेजी जाए, ताकि संभावित आपदाओं के प्रभाव का पहले से अंदाजा लगाकर समय रहते बचाव किया जा सके। उन्होंने रूट-विशिष्ट जोखिम मॉनिटरिंग और माइक्रो लेवल रिस्क असेसमेंट पर भी जोर दिया।
हॉटस्पॉट चिन्हित कर बनेगी रणनीति
यात्रा मार्गों पर संवेदनशील और जोखिम वाले स्थानों (हॉटस्पॉट्स) की पहचान कर उनके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी धामों की कैरिंग कैपेसिटी का ध्यान रखने और भीड़ प्रबंधन को मजबूत बनाने पर बल दिया गया।
स्वास्थ्य और हेली सेवाओं पर विशेष ध्यान
NDMA ने मोबाइल हेल्थ यूनिट्स बढ़ाने, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं सुदृढ़ करने और हेली सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों को निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन करने को कहा गया।
‘शून्य मृत्यु’ लक्ष्य पर फोकस
NDMA के सचिव मनीष भारद्वाज ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रबंधन में उत्तराखण्ड ने एक बेंचमार्क स्थापित किया है। उन्होंने ‘शून्य मृत्यु’ के लक्ष्य के साथ सभी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही यात्रियों के मोबाइल में ‘सचेत ऐप’ अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराने की बात कही।
तकनीक और स्टार्टअप्स को बढ़ावा
आपदा प्रबंधन में AI/ML जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग और स्टार्टअप्स को अवसर देने की भी बात कही गई। दूरस्थ क्षेत्रों में संचार व्यवस्था मजबूत करने के लिए “कम्युनिकेशन ऑन व्हील्स” जैसी मोबाइल तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया।
मॉक एक्सरसाइज से परखी तैयारियां
टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान विभिन्न काल्पनिक आपदा परिदृश्यों के आधार पर तैयारियों का आकलन किया गया। इसमें विभागों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों के उपयोग और कमांड-कंट्रोल सिस्टम की प्रभावशीलता को परखा गया।
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने कहा कि ऐसे अभ्यास वास्तविक परिस्थितियों से निपटने की क्षमता को मजबूत करते हैं और चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाते




