उत्तराखण्ड
नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन से सीमांत क्षेत्रों को मिलेगी नई पहचान, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा: मुख्यमंत्री।

चमोली, 1 जून। सीमांत जनपद चमोली की नीति घाटी में आयोजित तीन दिवसीय ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभागियों और आयोजकों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने का माध्यम बनेगा तथा नीति घाटी के स्वाभिमान और विकास की नई इबारत लिखेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत आयोजित यह आयोजन सीमांत गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा सीमांत गांवों को “देश का पहला गांव” मानने की सोच को धरातल पर उतारने का यह जीवंत उदाहरण है।
उन्होंने बताया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होने के साथ-साथ रिवर्स माइग्रेशन को भी बढ़ावा मिला है। नीति क्षेत्र में होमस्टे की संख्या 35 से बढ़कर 450 से अधिक हो जाना इस बदलाव का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समुद्र तल से लगभग 11 हजार फीट की ऊंचाई पर आयोजित यह अल्ट्रा रन युवाओं के साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि नीति घाटी का यह जागरण केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में स्वाभिमान, स्वावलंबन और नए विश्वास का संदेश है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान भविष्य में उत्तराखंड की अन्य सीमांत घाटियों तक भी पहुंचेगा।
पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना और आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस आयोजन में देश के 27 राज्यों से 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के तहत 5, 10, 21, 42 और 75 किलोमीटर की विभिन्न स्पर्धाओं का आयोजन किया गया। मलारी गांव में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल और अन्य अतिथियों ने विजेताओं को पुरस्कार राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
75 किलोमीटर अल्ट्रा रन, 42 किलोमीटर मैराथन, 21 किलोमीटर हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर शॉर्ट रन और 5 किलोमीटर फन रन सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आयोजन में कुल 1100 से अधिक धावकों ने विभिन्न दौड़ स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
आयोजन के अंतिम दिन 2 जून को गमसाली से मलारी के मध्य 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें 100 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने आयोजन की सफलता के लिए पर्यटन विभाग, भारतीय सेना, आईटीबीपी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सीमांत क्षेत्रों के विकास और राष्ट्रीय एकता को नई मजबूती प्रदान करेंगे।




