उत्तराखण्ड
मुख्यमंत्री घोषणाओं में देरी पर सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार सख्त, एक सप्ताह में मांगी लंबित फाइलें।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में सचिवालय में सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अल्मोड़ा जनपद के सल्ट क्षेत्र स्थित मोलेखाल बाजार में पार्किंग निर्माण परियोजना की प्रगति और विस्तृत आगणन पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में विभागीय व्यय समिति के समक्ष कार्यदायी संस्था ने परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया। इसमें आवास, वित्त एवं नियोजन विभाग के अधिकारियों के साथ जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण तथा उत्तराखण्ड पेयजल निगम के अधिकारी भी शामिल हुए।
अधिकारियों ने बताया कि पर्वतीय भूगोल और चयनित स्थल की जटिल भौगोलिक परिस्थितियों के कारण परियोजना में गहरी नींव, ढलान स्थिरीकरण, भूकम्परोधी डिजाइन और अतिरिक्त आरसीसी संरचनाओं की आवश्यकता है। इसी वजह से प्रति कार पार्किंग लागत अधिक प्रस्तावित की गई है, जिसे तकनीकी रूप से उचित माना गया।
मोलेखाल बाजार और जौलीखाल क्षेत्र में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए पार्किंग निर्माण की आवश्यकता बताई गई। प्रस्तावित स्थल का ड्रोन सर्वे, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के जरिए परीक्षण किया गया, जिसमें स्थल को पार्किंग निर्माण के लिए उपयुक्त पाया गया। साथ ही चयनित भूमि को आवास विभाग के नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया भी प्रचलित है।
विस्तृत विचार-विमर्श के बाद विभागीय व्यय समिति ने ₹591.16 लाख की परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान करते हुए तकनीकी समीक्षा के उपरांत प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित पत्रावलियां एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत की जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा में धरातल पर उतारा जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता के साथ लागू कर रही है और मोलेखाल बाजार पार्किंग परियोजना स्थानीय जरूरतों के अनुरूप एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। इससे क्षेत्र में यातायात प्रबंधन मजबूत होगा और लोगों को पार्किंग की बड़ी समस्या से राहत मिलेगी।




