उत्तराखण्ड
सचिवालय में लगेगी डॉ. आंबेडकर की तस्वीरें, जयंती पूर्व संध्या पर विचार गोष्ठी आयोजित।


संवादसूत्र देहरादून: डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर उत्तराखंड सचिवालय में अनुसूचित जाति एवं जनजाति समिति के तत्वावधान में विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर सचिवालय के सभी सभागारों और अनुभागों में डॉ. आंबेडकर की तस्वीरें लगाने का निर्णय लिया गया।
गोष्ठी में वक्ताओं ने डॉ. आंबेडकर के बहुआयामी योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनके कानून एवं न्याय मंत्री के रूप में योगदान, एक प्रखर अर्थशास्त्री के विचार, सामाजिक सुधारक के रूप में उनके कार्यों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित समाज की परिकल्पना पर चर्चा की गई।
वक्ताओं ने उनकी प्रसिद्ध कृति Annihilation of Caste का उल्लेख करते हुए सामाजिक लोकतंत्र की स्थापना पर जोर दिया।

इस दौरान संविधान सभा में 25 नवंबर 1949 को दिए गए उनके ऐतिहासिक वक्तव्य को याद करते हुए स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के महत्व को रेखांकित किया गया। साथ ही “विरोधाभासी जीवन” की अवधारणा पर चर्चा करते हुए उसके समाधान पर भी विचार साझा किए गए।
कार्यक्रम में सचिवालय संघ के पूर्व अध्यक्ष दीपक जोशी ने इसे समतामूलक समाज की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए अगले वर्ष और भव्य आयोजन का आह्वान किया।
इस अवसर पर सचिवालय संघ के पूर्व अध्यक्ष दीपक जोशी द्वारा कार्यक्रम को समतामूलक समाज के निर्माण की आधारशीला बताया गया और राष्ट्रीय एकता तथा सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, उपासना तथा धर्म की स्वतन्त्रता तथा व्यक्ति की गरिमा बढ़ाये जाने हेतु भ्रातृत्व के महत्व को रेखांकित करते हुए भाईचारा बढ़ने का संदेश दिया गया तथा अगले वर्ष 14 अप्रैल के कार्यक्रम को 26 जनवरी व 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व के रूप में भव्य रूप से मनाये जाने का आह्वान किया गया, साथ ही सचिवालय प्रांगण में बाबा साहेब की प्रतिमा भी जल्द से जल्द अनावरित कराये जाने का आश्वासन दिया गया। सभागार मे यह भी निर्णीत हुआ कि सचिवालय के सभी सभागार और अनुभागों में सचिवालय संघ द्वारा डाक्टर भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगाई जायेगी।
मुख्य अतिथि के रूप में अपर सचिव समाज कल्याण विभाग प्रकाश चन्द्र आर्य उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में सचिवालय संघ अध्यक्ष सुनील कुमार लखेडा सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।




