उत्तराखण्ड
जीआई से ग्रामीण समृद्धि की राह: नाबार्ड ने क्षेत्रीय सलाहकार समिति बैठक व जीआई कार्यशाला का किया आयोजन।

संवादसूत्र देहरादून, 31 दिसम्बर 2025: राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून द्वारा 30 दिसंबर 2025 को आईटी पार्क स्थित कार्यालय में दूसरी क्षेत्रीय सलाहकार समिति (RAC) बैठक एवं जीआई (भौगोलिक संकेतक) कार्यशाला का आयोजन किया गया। बैठक का विषय रहा— “ग्रामीण समृद्धि हेतु जीआई की क्षमता का उपयोग: ब्रांडिंग, विपणन एवं मूल्य संवर्धन के लिए पोस्ट-जीआई रणनीतियाँ।”
कार्यक्रम का उद्घाटन नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री पंकज यादव ने किया। बैठक में एसएलबीसी, यूकेएसआरएलएम, केवीआईसी/केवीआईबी, कृषि एवं उद्यान विभाग, आईआईटी रुड़की, आईआईएम काशीपुर, यूकेएसटीसीबी, ग्रामीण विकास विभाग, गैर-सरकारी संगठनों सहित अनेक प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। उत्तराखंड टी बोर्ड, जिला विकास प्रबंधकों (DDMs) एवं चैनल पार्टनर्स ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण पद्मश्री डॉ. राजनिकांत (जीआई मैन ऑफ इंडिया) का ऑनलाइन तकनीकी सत्र रहा। उन्होंने जीआई पंजीकरण की प्रक्रिया, अधिकृत उपयोगकर्ताओं को जोड़ने तथा पोस्ट-जीआई रणनीतियों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। साथ ही उत्तराखंड में नाबार्ड की सक्रिय भूमिका—जीआई योग्य उत्पादों की पहचान, पंजीकरण, ब्रांडिंग एवं विपणन—की सराहना की।
बैठक में विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और स्टार्टअप्स की भूमिका पर भी प्रकाश डाला, बताते हुए कि किस प्रकार ये माध्यम जीआई उत्पादों के प्रचार, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार में सहायक हो सकते हैं। विभिन्न विभागों और योजनाओं के बीच अभिसरण पर विशेष जोर दिया गया ताकि जीआई आधारित ग्रामीण समृद्धि को गति मिल सके।
नाबार्ड ने यह संकल्प दोहराया कि वह ग्रामीण समुदायों को जीआई संवर्धन, ब्रांडिंग सहायता, प्रशिक्षण तथा बाजार संपर्क के माध्यम से सशक्त बनाता रहेगा, जिससे उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल सके।




