उत्तराखण्ड
20 हजार करोड़ एसजीएसटी लक्ष्य के साथ वित्तीय सुदृढ़ता का रोडमैप तैयार।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में राज्य की राजस्व प्राप्तियों की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए यथार्थपरक आकलन, रणनीतिक रोडमैप और विभागवार लक्ष्यों के निर्धारण पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए राजस्व संग्रहण में गुणात्मक सुधार आवश्यक है। सभी विभाग समन्वय और रणनीतिक दृष्टिकोण के साथ कार्य करें, ताकि निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके।
एसजीएसटी में 20 हजार करोड़ का लक्ष्य, टैक्स बेस विस्तार पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि एसजीएसटी के अंतर्गत लगभग 20,000 करोड़ रुपये तक राजस्व प्राप्ति की संभावनाएं हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित करते हुए विभाग को टैक्स बेस बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने निर्देशित किया कि टैक्स की परिधि में आने वाले सभी व्यवसायों को चिन्हित कर कराधान के दायरे में लाया जाए। ऐसे कमर्शियल प्रतिष्ठानों की पहचान की जाए जो वर्तमान में टैक्स नेट से बाहर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संभावनाएं अधिक होने के बावजूद अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है, जिसे सुधारना आवश्यक है।
विभागवार समीक्षा और डेटा आधारित रणनीति
बैठक में सीजीएसटी, वैट, स्टांप एवं पंजीकरण, आबकारी, खनन, परिवहन, वन, विद्युत (कर एवं गैर-कर) तथा जलकर जैसे मदों की विभागवार समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अगली बैठक में प्रत्येक विभाग सेक्टरवार टैक्सपेयर की संख्या, वृद्धि की रणनीति, जीएसडीपी में योगदान तथा संभावित राजस्व वृद्धि का विस्तृत डेटा प्रस्तुत करें। जिन क्षेत्रों में संग्रहण की अधिक संभावनाएं हैं, वहां तार्किक और पारदर्शी प्रणाली विकसित की जाए।
खनन, वन और हर्बल सेक्टर में संभावनाएं
खनन विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि निजी और सरकारी दोनों प्रकार के माइनिंग लॉट की समुचित पहचान की जाए। फॉरेस्ट एवं नॉन-फॉरेस्ट क्षेत्रों में संभावित राजस्व स्रोतों का सर्वे कर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि वन और हर्बल सेक्टर में भी राजस्व वृद्धि की पर्याप्त संभावनाएं हैं, जिन पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए जहां से वर्तमान में राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा, लेकिन संभावनाएं मौजूद हैं।
नए विभागों को भी राजस्व प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन विभागों को अभी तक राजस्व लक्ष्य आवंटित नहीं किया गया है, लेकिन व्यवहारिक रूप से उनसे राजस्व सृजन संभव है, उन्हें भी चिन्हित कर लक्ष्य निर्धारण की प्रक्रिया में शामिल किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी संभावित कर स्रोत छूटने न पाए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, एल.एल. फैनई, सचिव दिलीप जावलकर सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाला वित्तीय वर्ष राजस्व सुधार और वित्तीय अनुशासन की दिशा में निर्णायक साबित होगा।




