उत्तराखण्ड
चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: मदन कौशिक।

संवादसूत्र देहरादून: मदन कौशिक ने कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षित व सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए राज्य पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) तथा उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को गढ़वाल मंडल के सभी सात जनपदों में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। 50 विभिन्न स्थलों पर एक साथ आयोजित इस अभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, वायु सेना सहित विभिन्न विभागों ने भाग लिया।
मंत्री मदन कौशिक ने मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया और वर्चुअल माध्यम से विभिन्न जनपदों के अधिकारियों से संवाद कर समन्वय एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन किया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ आपदा 2013 के बाद राज्य के आपदा प्रबंधन तंत्र में लगातार सुधार हुआ है और अब प्रतिक्रिया क्षमता, पूर्व चेतावनी प्रणाली तथा राहत-बचाव संसाधनों को काफी मजबूत किया गया है।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल आस्था ही नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और पहचान से भी जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। ऐसे में सभी विभागों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव मिले।
मंत्री ने मौसम आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करने, संवेदनशील क्षेत्रों की पूर्व पहचान करने तथा आवश्यक संसाधनों और राहत दलों की अग्रिम तैनाती के निर्देश दिए।
हेली सेवाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस
एनडीएमए के लीड कंसल्टेंट मेजर जनरल सुधीर बहल के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने देहरादून में सहस्त्रधारा हेलीपैड, सपेरा बस्ती और कोरोनेशन अस्पताल का निरीक्षण किया।
टीम ने हेलीकॉप्टर संचालन, आपात निकासी, बाढ़ राहत और अस्पतालों की आपदा तैयारियों का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।




