उत्तराखण्ड
अपराधियों पर सख्त वार: दो कुख्यात बदमाश 6 माह के लिए जिला बदर।

संवादसूत्र देहरादून: जनपद देहरादून में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा कड़ी कार्रवाई की गई है। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत दो आदतन कुख्यात अपराधियों को 6 माह के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून से प्राप्त रिपोर्ट एवं कोतवाली विकासनगर की चालानी रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त आसिफ पुत्र राशिद, निवासी मुस्लिम बस्ती, चौकी बाजार (विकासनगर) के विरुद्ध कार्रवाई की गई। आसिफ के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित भारतीय दंड संहिता एवं भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
इसी प्रकार राहुल कश्यप पुत्र गोपाल कश्यप, निवासी जीवनगढ़, थाना विकासनगर के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। उसके विरुद्ध चोरी, शस्त्र अधिनियम, आबकारी अधिनियम एवं अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं।
दोनों अभियुक्तों की छवि एक दुस्साहसी एवं समाज के लिए खतरनाक व्यक्तियों के रूप में पाई गई है। आमजन में उनके प्रति भय व्याप्त है, जिसके चलते लोग उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने या साक्ष्य देने से भी कतराते हैं।
जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा दोनों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए और न ही कोई आपत्ति प्रस्तुत की।
उपलब्ध साक्ष्यों और आपराधिक इतिहास के आधार पर न्यायालय ने उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 3 के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों को गुंडा घोषित किया। साथ ही धारा 3(3) के अंतर्गत 6 माह के लिए जनपद देहरादून की सीमा से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के अनुसार दोनों अभियुक्त बिना अनुमति जनपद में प्रवेश नहीं कर सकेंगे और उन्हें अपने निवास स्थान की सूचना संबंधित थाना व न्यायालय को देनी होगी। आदेश का उल्लंघन करने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ इसी प्रकार सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।




