उत्तराखण्ड
कीटनाशकों पर कड़ा प्रहार: फल-सब्जियों की जांच तेज, किसानों और व्यापारियों को किया जाएगा जागरूक।

संवादसूत्र देहरादून: फल और सब्जियों में कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल पर अब सरकार सख्त रुख अपनाते हुए बड़े स्तर पर कार्रवाई में जुट गई है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने प्रदेशभर में फलों और सब्जियों के सैंपल लेकर उनकी प्रयोगशाला जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही कृषि और उद्यान विभाग के सहयोग से जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
आयुक्त सचिन कुर्वे ने कृषि एवं उद्यान विभाग को भेजे पत्र में कहा है कि भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के सर्विलांस अभियानों में खाद्य पदार्थों में तय सीमा से अधिक कीटनाशक अवशेष मिलने की पुष्टि हुई है। उन्होंने इसे जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताते हुए किसानों को कीटनाशकों के वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया है।
उपायुक्त (मुख्यालय) गणेश कंडवाल के अनुसार, अब तक आम, केला, पपीता और तरबूज सहित 95 सैंपल लिए जा चुके हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजा गया है। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
सरकार ने साफ किया है कि केवल किसानों ही नहीं, बल्कि फल-सब्जी विक्रेताओं और मंडी व्यापारियों को भी इस विषय में जागरूक किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं तक सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंच सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी निर्देश दिए हैं कि चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट और हानिकारक रसायनों के इस्तेमाल पर सख्ती बरती जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।




