उत्तराखण्ड
चारधाम यात्रा में खाद्य सुरक्षा पर सख्ती, 33 नमूने जांच को भेजे।

संवादसूत्र देहरादून: चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के निर्देशों पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रदेशभर में सघन जांच अभियान शुरू किया है।
आयुक्त सचिन कुर्वे के मार्गदर्शन और अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में टीमें सभी जिलों में सक्रिय हैं। विशेष रूप से यात्रा मार्गों, होटल-ढाबों, रेस्टोरेंट, फल-सब्जी मंडियों और अस्थायी खाद्य दुकानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
फलों-सब्जियों के 33 नमूने लिए गए
28 अप्रैल को चलाए गए विशेष अभियान के तहत प्रदेशभर से कुल 33 नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए। इनमें हरिद्वार से 12, ऊधमसिंह नगर और बागेश्वर से 3-3, पिथौरागढ़ से 2, टिहरी और अल्मोड़ा से 2-2, रुद्रप्रयाग से 2, नैनीताल से 5 और चमोली से 2 नमूने शामिल हैं। नमूनों में तरबूज, आम, केला, सेब, पपीता, भिंडी, लौकी, टमाटर समेत अन्य फल-सब्जियां शामिल हैं।
यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी
विभाग की टीमें होटल, ढाबों और फूड स्टॉल्स में साफ-सफाई, खाद्य गुणवत्ता और लाइसेंसिंग की गहन जांच कर रही हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
मानकों से समझौता नहीं
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी नमूने में अधिक कीटनाशक या कृत्रिम रसायन पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निलंबन और जुर्माना शामिल है।
जनता से सहयोग की अपील
अधिकारियों ने आमजन और यात्रियों से अपील की है कि वे फल-सब्जियां खरीदते समय सतर्क रहें और संदिग्ध खाद्य सामग्री की जानकारी विभाग को दें।
आयुक्त सचिन कुर्वे ने कहा कि यात्रा के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रदेश में सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री सुनिश्चित करना है।




