उत्तराखण्ड
चारधाम यात्रा से पहले गैस आपूर्ति पर सख्ती।

संवादसूत्र देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए उत्तराखण्ड में एलपीजी गैस आपूर्ति को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। प्रमुख सचिव खाद्य एल. फैनई की अध्यक्षता में तेल कंपनियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की गई।
बैठक में निर्देश दिए गए कि घरेलू और कमर्शियल गैस की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कमी न हो। अब आनंद स्वरूप द्वारा प्रतिदिन शाम 5 बजे आपूर्ति की समीक्षा की जाएगी।
आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश
राज्य में प्रतिदिन लगभग 60 हजार घरेलू और 6 हजार कमर्शियल गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बैकलॉग खत्म करने के लिए अतिरिक्त आपूर्ति और उसकी दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य की गई है।
तेल कंपनियों के अनुसार 7 अप्रैल 2026 को राज्य में 65,944 घरेलू और 3,864 कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति की गई, जिसमें
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) – 48,218 घरेलू, 2,340 कमर्शियल
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) – 11,731 घरेलू, 698 कमर्शियल
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) – 5,995 घरेलू, 826 कमर्शियल सिलेंडर शामिल हैं।
पर्वतीय क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि पहाड़ी क्षेत्रों में नेटवर्क और वितरण से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जाए और बढ़ती मांग के अनुरूप अग्रिम योजना बनाई जाए।
अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई
सचिव खाद्य आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्यभर में एलपीजी अनियमितताओं के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 6280 निरीक्षण, 423 छापेमारी, 19 एफआईआर और 7 गिरफ्तारियां की गई हैं।
अभियान के दौरान 1118 गैस सिलेंडर जब्त किए गए, जिनमें 946 घरेलू और 172 कमर्शियल शामिल हैं। सबसे ज्यादा कार्रवाई देहरादून और हरिद्वार में हुई है।




