उत्तराखण्ड
सरकार की सख्त निगरानी में सुरक्षित भोजन और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की मजबूत व्यवस्था।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, उत्तराखण्ड ने वर्ष 2025 में जनस्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के नेतृत्व में विभाग ने मिलावट, नकली दवाओं और नशे के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सुरक्षित भोजन और गुणवत्तापूर्ण औषधियों की मजबूत व्यवस्था स्थापित की है।
वर्ष 2025 के दौरान राज्यभर में 3825 खाद्य नमूनों की जांच की गई, जबकि 10,789 उपभोक्ताओं एवं खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक किया गया। खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत 3122 नमूनों के विश्लेषण में 223 नमूने असुरक्षित पाए गए, जिन पर त्वरित कानूनी कार्रवाई करते हुए न्यायालयों द्वारा ₹3.31 करोड़ से अधिक का अर्थदण्ड लगाया गया। यह कार्रवाई मिलावटखोरों के लिए कड़ा संदेश बनी है।
कुपोषण और एनीमिया से निपटने के लिए फोर्टीफाइड खाद्य पदार्थों को बढ़ावा दिया गया। वहीं RUCO अभियान के तहत 28,144 किलोग्राम प्रयुक्त खाद्य तेल एकत्र कर बायोडीजल निर्माण के लिए भेजा गया, जिससे स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिला।
World Food Safety Day एवं Eat Right Movement के अंतर्गत 1000 स्ट्रीट वेंडर्स को प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही राज्य के 14 कारागारों, उत्तराखण्ड सचिवालय सहित कई संस्थानों को Eat Right Campus तथा देहरादून, हरिद्वार, रूड़की और ऋषिकेश के रेलवे स्टेशनों को Eat Right Station के रूप में विकसित किया गया।
औषधि नियंत्रण को सुदृढ़ करने के लिए 18 नए औषधि निरीक्षकों की नियुक्ति की गई। नशे के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान में 1445 निरीक्षण किए गए और NDPS Act के तहत 10 अभियुक्तों को जेल भेजा गया।
डिजिटल सेवाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं और पारदर्शी कार्यप्रणाली के माध्यम से विभाग ने आमजन का भरोसा और मजबूत किया है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी सख्त निगरानी और जनजागरूकता के जरिए “स्वस्थ उत्तराखण्ड” के संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ाया जाएगा।




