उत्तराखण्ड
मुख्यमंत्री ने 307 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र।




संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में 307 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें 243 चिकित्सा अधिकारी, 42 फार्मासिस्ट तथा उद्यान विभाग के 22 प्रयोगशाला सहायक एवं मशरूम पर्यवेक्षक शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नियुक्ति पत्र केवल रोजगार का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की सवा करोड़ जनता की सेवा का संकल्प पत्र है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य में स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और दूरस्थ क्षेत्रों में संकट की घड़ी में जनता की पहली उम्मीद स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्मिक ही होते हैं।
मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों से संवेदनशीलता, समर्पण और सेवा भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 62 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा चुके हैं और लगभग 12 लाख मरीजों का 2200 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार किया जा चुका है। राज्य में वर्तमान में पांच मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जबकि दो मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा नौ नर्सिंग कॉलेज और तीन नर्सिंग स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है तथा हल्द्वानी में आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। कीवी, ड्रैगन फ्रूट, हाई डेंसिटी एप्पल, मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन जैसी उच्च मूल्य फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव नियुक्त युवा कृषि नवाचार और आधुनिक उद्यानिकी के क्षेत्र में प्रदेश को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सभी भर्ती प्रक्रियाएं पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जा रही हैं। प्रदेश में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिल चुकी हैं।
इस अवसर पर ने कहा कि राज्य में अतिसघन सेब बागवानी, कीवी मिशन, ड्रैगन फ्रूट मिशन, मधुमक्खी पालन नीति और जाइका परियोजना जैसी योजनाओं का सफल संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
ने कहा कि नए चिकित्सकों और फार्मासिस्ट की नियुक्ति से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी तथा दुर्गम क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री , विधायक , , मेयर , सचिव , डॉ. एस.एन. पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




