उत्तराखण्ड
मुख्यमंत्री ने प्राइड मूवमेंट सम्मान समारोह में एसएसबी के जवानों के साहस और समर्पण को किया सम्मानित।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में अर्पित फाउंडेशन द्वारा आयोजित प्राइड मूवमेंट सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अधिकारियों एवं जवानों को सम्मानित करते हुए उनके साहस, समर्पण और राष्ट्र सेवा भावना की सराहना की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सशस्त्र सीमा बल ने पिछले छह दशकों से आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, आतंकवाद, नक्सलवाद एवं आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करते हुए देश की सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि एसएसबी के जवान जहां एक ओर सीमाओं की रक्षा में दिन-रात तैनात रहते हैं, वहीं खेल, सामाजिक गतिविधियों और आपदा राहत कार्यों में भी उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है और आज भारत रक्षा सामग्री निर्यात करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से स्वदेशी हथियारों की शक्ति को विश्व ने देखा और सराहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार सेना एवं अर्धसैनिक बलों के जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए लगातार ठोस निर्णय ले रही है। शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है, वहीं वीरता पदक से अलंकृत जवानों को मिलने वाली सम्मान राशि में भी वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमावर्ती गांवों के विकास और सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। सीमांत क्षेत्रों में सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार होने से आवागमन के साथ-साथ पर्यटन, व्यापार और सामरिक गतिविधियों को भी नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं सीमांत क्षेत्रों का दौरा कर स्थानीय नागरिकों और सुरक्षा बलों से संवाद करते हैं तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निर्णायक कदम उठाते हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य कैलाशानन्द जी महाराज, डीआईजी एसएसबी सुधांशु नौटियाल, अर्पित फाउंडेशन से हनी पाठक सहित एसएसबी के अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।




