उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में डिजिटल जनगणना 2027 का पहला चरण 25 अप्रैल से शुरू।

संवादसूत्र देहरादून: जनगणना कार्य निदेशालय, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जानकारी दी गई कि उत्तराखंड में जनगणना 2027 के प्रथम चरण—मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना—का फील्ड कार्य 25 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 24 मई 2026 तक चलेगा। यह अभियान “हर द्वार, दस्तक” के तहत पूरे राज्य में संचालित किया जाएगा।
निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय, गृह मंत्रालय, भारत सरकार श्रीमती इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि 10 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 के बीच प्रदेश में 62,000 से अधिक लोगों ने डिजिटल माध्यम से स्व-गणना में भाग लिया। इसमें देहरादून जिला सबसे आगे रहा, जहाँ 10,884 लोगों ने स्वयं गणना पूरी की।
उन्होंने बताया कि जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए 20,859 प्रगणक एवं 3,670 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, जिन्हें 555 प्रशिक्षण बैचों में प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षण में विशेष रूप से विकसित मोबाइल एप का व्यावहारिक उपयोग भी शामिल रहा।
डिजिटल नवाचार के तहत राज्य को 29,567 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स में विभाजित कर उनके डिजिटल मानचित्र तैयार किए गए हैं। इन मानचित्रों का उपयोग प्रगणक फील्ड कार्य के दौरान करेंगे। साथ ही, प्रत्येक ब्लॉक का आवंटन डिजिटल पोर्टल के माध्यम से किया गया है, जिससे प्रगणकों को अपने क्षेत्र की जानकारी मोबाइल एप पर उपलब्ध होगी।
उन्होंने बताया कि इस चरण में प्रगणक घर-घर जाकर 33 प्रश्नों के माध्यम से मकानों की स्थिति, सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। यह पूरी प्रक्रिया पहली बार पूर्णतः मोबाइल एप आधारित डिजिटल प्रणाली से संपन्न की जा रही है, जो डिजिटल इंडिया अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
निदेशक ने नागरिकों से अपील की कि वे प्रगणकों को सही जानकारी प्रदान कर इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहें।
इस अवसर पर जनगणना निदेशालय से संयुक्त निदेशक एस.एस. नेगी, उप निदेशक तान्या सेठ, आर.के. बनवारी, प्रवीण कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।




