उत्तराखण्ड
विकास, जनकल्याण और सुशासन पर केंद्रित रहा राज्यपाल का अभिभाषण।

संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा के वर्ष 2026 के प्रथम सत्र में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह के अभिभाषण में राज्य सरकार की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यों की व्यापक झलक देखने को मिली। अभिभाषण में सरकार की प्राथमिकताओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न क्षेत्रों में हासिल उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए राज्य को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को विकास, सुशासन और समावेशी प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ाना है। इसके लिए आधारभूत ढांचे के विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा को सुदृढ़ करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राज्य में सड़कों, पुलों और संपर्क मार्गों के निर्माण के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने बताया कि आयुष्मान योजना के माध्यम से लाखों लोगों को निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। इस योजना से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता मिल रही है। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है तथा चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और शिक्षकों की नियुक्ति के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। उच्च शिक्षा संस्थानों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने के साथ-साथ शोध और नवाचार को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कृषि और ग्रामीण विकास को भी सरकार की प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान दिया गया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमिता को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि धार्मिक, साहसिक और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं में सुधार, नए पर्यटन स्थलों का विकास और पर्यटन अवसंरचना को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश में रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
इसके अलावा उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। विभिन्न औद्योगिक नीतियों के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें। युवाओं के लिए स्टार्टअप और नवाचार को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
अभिभाषण में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और पारदर्शी प्रशासन देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई। सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठा रही है।
कुल मिलाकर राज्यपाल का अभिभाषण प्रदेश सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों और जनकल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसमें स्पष्ट किया गया कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य के रूप में स्थापित करना है, जहां विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।




