उत्तराखण्ड
डीएम सविन बंसल के मार्गदर्शन में संरक्षण गृह की संवासिनियों व बालिकाओं को मिली नई उड़ान।

संवादसूत्र देहरादून: देहरादून जिला प्रशासन के संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप राजकीय महिला कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र (नारी निकेतन) तथा बालिका निकेतन में निवासरत संवासिनियों और बालिकाओं के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल के मार्गदर्शन में नारी निकेतन की संवासिनियों एवं बालिका निकेतन की बालिकाओं के लिए एक विशेष एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य केवल भ्रमण या मनोरंजन नहीं, बल्कि उन्हें सामाजिक परिवेश से जोड़ते हुए मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक रूप से सशक्त बनाना रहा।
नारी निकेतन की संवासिनियों को क्रॉसरोड मॉल ले जाया गया, जहाँ उन्होंने देशभक्ति से ओतप्रोत फिल्म बॉर्डर-2 देखी। इसके पश्चात स्नेहपूर्ण वातावरण में सामूहिक भोजन की व्यवस्था की गई तथा मॉल में स्थित विभिन्न प्रतिष्ठानों का अवलोकन कराया गया। इस दौरान संवासिनियों के चेहरों पर दिखाई देती मुस्कान, आत्मविश्वास और उत्साह यह दर्शा रहा था कि वे स्वयं को समाज का अभिन्न हिस्सा महसूस कर रही हैं और एक नई शुरुआत के लिए प्रेरित हो रही हैं।
वहीं बालिका निकेतन की बालिकाओं को सिल्वर सिटी मॉल, पेसिफिक मॉल एवं राजपुर रोड स्थित राष्ट्रपति निकेतन का शैक्षिक एवं ऐतिहासिक भ्रमण कराया गया। सिल्वर सिटी मॉल में बालिकाओं को देशभक्ति फिल्म दिखाई गई। भ्रमण के दौरान सुरक्षा, जलपान एवं देखरेख की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। इस एक्सपोजर विजिट से बालिकाओं को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक गतिविधियों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम संरक्षण गृहों में निवासरत महिलाओं और बालिकाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। सम्मान, स्नेह और सकारात्मक वातावरण मिलने पर इनका पुनर्वास अधिक प्रभावी और स्थायी बनता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन भविष्य में भी इसी संवेदनशीलता के साथ ऐसे प्रेरणादायी प्रयास करता रहेगा।
यह एक्सपोजर विजिट न केवल संवासिनियों और बालिकाओं के चेहरों पर मुस्कान लेकर आया, बल्कि उनके मन में आत्मविश्वास, नई आशा और बेहतर भविष्य का विश्वास भी जगा गया। जिलाधिकारी के प्रयासों से यह पहल संरक्षण गृहों में रह रही महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण बनी है।
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, नारी निकेतन की अधीक्षिका सोनल राणा सहित केंद्र का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा, जिनके सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।




