उत्तराखण्ड
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों को परियोजनाओं पर तेजी से कार्य करने के दिए निर्देश।

संवादसूत्र देहरादून/नई दिल्ली: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की प्रस्तावित एवं प्रगति पर चल रही सड़क परियोजनाओं को प्रमुखता से रखते हुए राज्य के प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश बाईपास, अल्मोड़ा–दन्या–पनार–घाट मार्ग, ज्योलिकोट–खैरना–गैरसैंण–कर्णप्रयाग मार्ग तथा अल्मोड़ा–बागेश्वर–काण्डा–उडियारी बैंड मार्ग से जुड़े प्रस्तावों सहित राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित राज्य के अनेक महत्वपूर्ण विषय बैठक में उठाए।
ऋषिकेश बाईपास सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर चर्चा
बैठक में जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-07 के अंतर्गत तीनपानी से योगनगरी होते हुए खारास्रोत तक 12.67 किमी लंबाई के चार लेन ऋषिकेश बाईपास का निर्माण प्रस्तावित है, जिसकी अनुमानित लागत 1161.27 करोड़ रुपये है। परियोजना में 4.876 किमी लंबा हाथी कॉरिडोर हेतु एलिवेटेड रोड, चंद्रभागा नदी पर 200 मीटर लंबा पुल तथा रेलवे पोर्टल पर 76 मीटर लंबा आरओबी शामिल है। इसके अतिरिक्त श्यामपुर रेलवे क्रॉसिंग पर 318 करोड़ रुपये की लागत से आरओबी प्रस्तावित है, जिससे नेपाली फार्म से ऋषिकेश नटराज चौक तक यातायात निर्बाध होगा।
अल्मोड़ा–दन्या–पनार–घाट मार्ग (एनएच-309बी) के 76 किमी खंड में 988 करोड़ रुपये की लागत से दो लेन चौड़ीकरण का प्रस्ताव है।
ज्योलिकोट–खैरना–गैरसैंण–कर्णप्रयाग मार्ग (एनएच-109) के अंतर्गत 235 किमी लंबाई में दो लेन चौड़ीकरण का संरेखण प्रस्तावित है।
वहीं अल्मोड़ा–बागेश्वर–काण्डा–उडियारी बैंड मार्ग (एनएच-309ए) के पैकेज-1, 2 और 5 में कुल 84.04 किमी लंबाई में 1001.99 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रस्तावित हैं। काण्डा–बागेश्वर खंड के लिए वनभूमि हस्तांतरण को भारत सरकार की स्वीकृति मिल चुकी है।
उत्तराखण्ड की सड़कें विकास की रीढ़: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य की सड़कें अब केवल तीर्थाटन और पर्यटन तक सीमित नहीं, बल्कि उद्योग, सीमावर्ती सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी के प्रयासों से उत्तराखण्ड एक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक सड़क नेटवर्क के साथ विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
चारधाम महामार्ग और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं से नई कनेक्टिविटी
चारधाम यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए 12,769 करोड़ रुपये की चारधाम महामार्ग परियोजना स्वीकृत की गई है। राज्य में कुल 3,723 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क है, जिसमें से लगभग 597 किमी एनएचएआई द्वारा विकसित किए जा रहे हैं। अब तक 336 किमी से अधिक सड़कें पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 193 किमी का कार्य प्रगति पर है।
दिल्ली–देहरादून कॉरिडोर के अंतर्गत गणेशपुर–देहरादून खंड में लगभग 30 किमी लंबा छह लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे विकसित किया गया है। इसके साथ ही देहरादून और हरिद्वार बाईपास, काशीपुर–सितारगंज, रुद्रपुर–काठगोदाम और हरिद्वार–नगीना जैसे चार-लेन कॉरिडोर से आवागमन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
भविष्य की परियोजनाएं और पर्यावरणीय संतुलन
भविष्य को ध्यान में रखते हुए मसूरी–देहरादून कनेक्टिविटी, हरिद्वार–हल्द्वानी हाई-स्पीड कॉरिडोर, देहरादून रिंग रोड और लालकुआं–हल्द्वानी–काठगोदाम बाईपास जैसी परियोजनाएं डीपीआर चरण में हैं। पर्यावरणीय संवेदनशील क्षेत्रों में एलिवेटेड रोड, वाइल्डलाइफ अंडरपास और न्यूनतम भूमि उपयोग जैसे उपाय अपनाए जा रहे हैं।
सिलक्यारा–पोलगांव सुरंग का सिविल कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है और मार्च 2027 तक परियोजना पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
केंद्रीय मंत्री का आश्वासन
केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर समुचित कार्यवाही का आश्वासन देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं।
बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, श्री हर्ष मल्होत्रा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




