उत्तराखण्ड
आवास व शहरी विकास सुधारों पर उत्तराखंड को केंद्र से 264.5 करोड़ की प्रोत्साहन राशि।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आवास एवं शहरी विकास विभाग द्वारा लागू किए गए व्यापक सुधारों को केंद्र सरकार ने एक बार फिर सराहते हुए उत्तराखंड को 264.5 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। यह राशि केंद्र सरकार की स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट 2025-26 योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई है।
केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा राज्यों को शहरी विकास एवं आवास से संबंधित विभिन्न नीतिगत सुधारों को लागू करने के निर्देश दिए गए थे। इन सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करने के परिणामस्वरूप उत्तराखंड को यह महत्वपूर्ण वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त हुआ है।
शहरी विकास विभाग के अंतर्गत जीआईएस आधारित यूटिलिटी मैपिंग (सीवर, पेयजल एवं ड्रैनेज) के लिए 3 करोड़ रुपये, सरकारी भूमि एवं भवनों की मैपिंग के लिए 6.5 करोड़ रुपये तथा शहरी निकायों के स्तर पर आय के स्रोत बढ़ाने हेतु 10 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।
आवास विभाग के सुधारों को मिला सर्वाधिक प्रोत्साहन
केंद्र सरकार द्वारा सबसे अधिक प्रोत्साहन राशि आवास विभाग के अधीन लागू किए गए सुधारों के लिए स्वीकृत की गई है। अरबन लैंड एंड प्लानिंग रिफॉर्म्स के तहत टाउन प्लानिंग स्कीम एवं लैंड पूलिंग स्कीम के नियम लागू करने पर 100 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। वहीं पुराने शहरी क्षेत्रों के पुनरुद्धार कार्यक्रम के लिए 140 करोड़ रुपये तथा बिल्डिंग बायलॉज में ग्रीन बिल्डिंग मानकों को लागू करने के लिए 5 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत हुई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार केंद्र के सभी दिशा-निर्देशों को पूरी निष्ठा के साथ लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि आवास एवं शहरी विकास विभाग में किए गए सुधारों पर मिली यह प्रोत्साहन राशि राज्य में अधोसंरचना विकास को नई गति प्रदान करेगी। इससे पूर्व खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों के लिए भी उत्तराखंड को केंद्र से 200 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो चुकी है।
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि आवास विभाग मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रत्येक नागरिक को किफायती आवास उपलब्ध कराने तथा उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लक्ष्य के साथ प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है।
केंद्र से मिली यह प्रोत्साहन राशि उत्तराखंड के गुड गवर्नेंस मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर मिली एक और बड़ी मान्यता के रूप में देखी जा रही है।




