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‘संतुलन’ के आठ मूल मंत्रों पर आधारित है उत्तराखंड का बजट।

उत्तराखण्ड

‘संतुलन’ के आठ मूल मंत्रों पर आधारित है उत्तराखंड का बजट।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वित्त मंत्री के रूप में वर्ष 2026–27 का बजट प्रस्तुत करते हुए विकास और प्रगति की सोच को अनूठे अंदाज में सामने रखा। राज्य सरकार ने इस बजट को ‘संतुलन’ (SANTULAN) के आठ मूल मंत्रों पर आधारित बताया है, जिसमें समावेशी विकास से लेकर न्यायपूर्ण व्यवस्था तक की व्यापक परिकल्पना को शामिल किया गया है।
सरकार के अनुसार ‘SANTULAN’ शब्द के प्रत्येक अक्षर में विकास और प्रगति का अलग दृष्टिकोण समाहित है। इसी आधार पर विभिन्न क्षेत्रों के लिए बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
समावेशी विकास (S)
समाज के सभी वर्गों को विकास से जोड़ने के उद्देश्य से कई सामाजिक योजनाओं के लिए बजट रखा गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए लगभग 1327.73 करोड़ रुपये, Atal Ayushman Uttarakhand Yojana के लिए 600 करोड़ रुपये और सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के लिए लगभग 598.33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना, आंचल अमृत योजना, ईजा-बोई शगुन योजना और महिला पोषण योजना जैसी योजनाओं के लिए भी बजट निर्धारित किया गया है।
आत्मनिर्भर उत्तराखंड (A)
राज्य में स्वरोजगार और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मिशन एप्पल (42 करोड़), ट्राउट प्रोत्साहन योजना (39.90 करोड़), चाय विकास योजना (25.93 करोड़) और सगंध पौधा क्लस्टर विकास (24.75 करोड़) जैसी योजनाओं के लिए प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को सहायता योजना के लिए 75 करोड़ रुपये तथा Mukhyamantri Swarojgar Yojana के लिए 60 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
नई सोच (N)
शिक्षा, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। संस्कृत पाठशालाओं के लिए 28 करोड़ रुपये, छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए अलग-अलग विभागों में बजट, राजकीय महाविद्यालयों में ई-ग्रंथालय स्थापना, “लैब ऑन व्हील्स” योजना और राज्य डेटा सेंटर के सुदृढ़ीकरण जैसे प्रावधान किए गए हैं।
साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अवसंरचना, साइबर सिक्योरिटी और एआई जैसी उभरती तकनीकों के विकास के लिए भी धनराशि निर्धारित की गई है।
तीव्र विकास (T)
अवसंरचना विकास को गति देने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1050 करोड़ रुपये और गड्ढा मुक्त सड़क अभियान के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नागरिक उड्डयन क्षेत्र और Nanda Devi Raj Jat Yatra के लिए भी बजट रखा गया है।
उन्नत शहर और गांव (U)
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए भी बड़ी धनराशि निर्धारित की गई है। ग्रामीण विकास विभाग के लिए 1642.20 करोड़ रुपये, शहरी निकायों के लिए 1814 करोड़ रुपये और पंचायती राज संस्थाओं के लिए 1491 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
लोक सहभागिता (L)
सरकार ने शासन में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के सुदृढ़ीकरण, राज्य डेटा सेंटर और एआई मिशन के लिए बजट निर्धारित किया है।
आर्थिक शक्ति (A)
प्रदेश की आर्थिक मजबूती के लिए रिस्पना-बिंदाल परियोजना, टिहरी रिंग रोड, स्टार्टअप वेंचर फंड और औद्योगिक नीतियों के तहत अनुदान जैसे प्रावधान किए गए हैं।
न्यायपूर्ण व्यवस्था (N)
कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस आवास निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के लिए 10 करोड़ रुपये, जेल निर्माण और न्यायिक संस्थानों के विकास के लिए भी बजट रखा गया है।
सरकार का कहना है कि ‘संतुलन’ मॉडल के माध्यम से विकास, सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक प्रगति और न्याय व्यवस्था के बीच संतुलन बनाते हुए उत्तराखंड को समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।

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