उत्तराखण्ड
कठिन चुनौतियों पर जीत: टनल-8 ने रचा इतिहास,बनी देश की सबसे लंबी रेल सुरंग।

संवादसूत्र श्रीनगर गढ़वाल/देहरादून, 01 मई 2026: उत्तराखंड की महत्वाकांक्षी ऋषिकेश–कर्णप्रयाग ब्रॉड गेज रेल परियोजना के तहत निर्माणाधीन टनल संख्या–8 अब देश की सबसे लंबी रेल सुरंग बन गई है। करीब 14.58 किलोमीटर लंबी यह सुरंग देवप्रयाग से जनासू के बीच तैयार की जा रही है और इसे 125 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट की रीढ़ माना जा रहा है।
इस परियोजना का निर्माण कार्य रेल विकास निगम लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। खास बात यह है कि पूरी रेल लाइन का लगभग 83 प्रतिशत हिस्सा सुरंगों के भीतर विकसित किया जा रहा है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए सुरक्षित और टिकाऊ ढांचा तैयार किया जा सके।
अत्याधुनिक तकनीक से तैयार सुरंग
टनल-8 के निर्माण में आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। सुरंग खोदने के लिए टीबीएम (Tunnel Boring Machine) का उपयोग किया गया, जबकि जटिल भू-भाग में न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मैथड (NATM) अपनाई गई। सुरंग में दोहरी रेल लाइन, आधुनिक जल निकासी, वेंटिलेशन शाफ्ट और आपातकालीन निकास जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
कठिन भू-वैज्ञानिक चुनौतियों पर जीत
हिमालयी क्षेत्र में स्थित यह सुरंग भूकंपीय जोन-4 में आती है, जहां निर्माण बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। पानी का रिसाव, फॉल्ट जोन, ढीली चट्टानें और कठिन लॉजिस्टिक्स जैसी बाधाओं के बावजूद इंजीनियरों और श्रमिकों ने सफलतापूर्वक दोनों सिरों का मिलान (ब्रेकथ्रू) पूरा किया, जो इस परियोजना की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
परियोजना के प्रमुख लाभ
इस रेल परियोजना के पूरा होने से बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों तक पहुंच आसान होगी।
पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और व्यापार को नई गति मिलेगी। साथ ही आपदा के समय तेज और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, टनल-8 का सफल ब्रेकथ्रू इस पूरी रेल परियोजना के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और यह उत्तराखंड में विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।




