उत्तराखण्ड
विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुभारंभ, देशभर के 150 टूर ऑपरेटर्स ने किया प्रतिभाग।

संवादसूत्र देहरादून/उत्तरकाशी: शीतकालीन चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लोगों को वर्षभर रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंड को 12 महीने का पर्यटन राज्य बनाने की ठोस पहल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के बड़े शहर प्रदूषण, तनाव और भागदौड़ से जूझ रहे हैं, ऐसे में उत्तराखंड देश का “नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन” बनने की अपार संभावनाएं रखता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब केवल चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वेलनेस, योग, मेडिटेशन, एडवेंचर, नेचर और सस्टेनेबल टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनेगा।
विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव में एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया के सहयोग से देश के विभिन्न राज्यों से आए 50 टूर ऑपरेटर्स सहित राज्य एवं स्थानीय स्तर के कुल 150 से अधिक टूर ऑपरेटर्स ने प्रतिभाग किया। होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी एवं बड़कोट, ट्रैकिंग संगठनों तथा स्थानीय प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की शीतकालीन पर्यटन नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पहाड़ खाली न रहें, होटल बंद न हों, टैक्सियां खड़ी न रहें और युवाओं को रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े। उन्होंने कहा कि पर्यटन से जुड़े सभी हितधारकों को परमिशन, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और मार्केटिंग में सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पर्यटन का मतलब केवल बड़े होटल नहीं, बल्कि गांवों के होमस्टे, स्थानीय टैक्सी, ट्रैकिंग गाइड, लोक कलाकार और किसानों के उत्पादों को सीधे पर्यटकों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि सरकार रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म को बढ़ावा दे रही है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संस्कृति का सम्मान सर्वोपरि है।
तीन दिवसीय कॉन्क्लेव के तहत टूर ऑपरेटर्स मां गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा, मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली तथा सांकरी के केदारकांठा ट्रैक बेस कैंप का भ्रमण करेंगे, जिससे शीतकालीन पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने टूर ऑपरेटर्स से आह्वान किया कि वे अपने पर्यटन पैकेज में उत्तरकाशी, हर्षिल, मुखबा, नेलांग, चमोली, औली, मुनस्यारी, पिथौरागढ़, चम्पावत, टिहरी, पौड़ी और सीमांत गांवों को शामिल करें। उन्होंने कहा कि सरकार हर गांव को पहचान और हर हाथ को रोजगार देने के लक्ष्य के साथ पर्यटन को प्रदेश की आर्थिक रीढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर गंगोत्री विधायक श्री सुरेश चौहान, पुरोला विधायक श्री दुर्गेश्वर लाल, दर्जा राज्य मंत्री श्री रामसुंदर नौटियाल, जिलाधिकारी श्री प्रशान्त आर्य, पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं पर्यटन से जुड़े हितधारक उपस्थित रहे।
जिला सूचना अधिकारी,
उत्तरकाशी।
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