उत्तराखण्ड
ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को अतिरिक्त राहत देगी सरकार, तीन माह के बिजली बिल स्थगित।

संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखंड में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इसके तहत कृषि, औद्यानिकी और गन्ने की फसलों को हुए नुकसान पर निर्धारित आपदा राहत मानकों के अतिरिक्त समान राशि की सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही प्रभावित किसानों के अक्टूबर से दिसंबर तक के बिजली बिलों का भुगतान स्थगित रखने और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण की अदायगी तीन माह स्थगित कराने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन निर्णयों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के इस कदम का उद्देश्य ओलावृष्टि के कारण फसलों को हुए नुकसान से प्रभावित किसानों को आर्थिक राहत देना और उनकी कृषि गतिविधियों को जारी रखने में मदद करना है।
आपदा राहत के अतिरिक्त मिलेगी समान राशि
ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को निर्धारित आपदा राहत मानकों के तहत मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त समान राशि की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इससे फसल क्षति के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। अतिरिक्त सहायता से किसानों को आगामी कृषि और औद्यानिकी गतिविधियों को जारी रखने में मदद मिलेगी।
अक्टूबर से दिसंबर तक बिजली बिलों का भुगतान स्थगित
प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने के लिए अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर माह के बिजली बिलों का भुगतान स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। इससे किसानों पर तत्काल वित्तीय दबाव कम होगा और उन्हें फसल नुकसान से उबरने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा।
केसीसी ऋण पर राहत के लिए केंद्र को भेजा जाएगा पत्र
राज्य सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण की अदायगी में राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध करेगी। इसके लिए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय को पत्र भेजकर प्रभावित किसानों के ऋण भुगतान को तीन माह तक स्थगित करने का आग्रह किया जाएगा। इससे किसानों को ऋण चुकाने के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध कराने की दिशा में पहल होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने और प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न कठिनाइयों से उन्हें उबारने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों की आजीविका और कृषि गतिविधियों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
सरकार के इन निर्णयों से ओलावृष्टि के कारण फसल क्षति झेल रहे किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने, तत्काल वित्तीय बोझ कम करने और आगामी कृषि कार्यों को सुचारु रूप से जारी रखने में मदद मिलेगी।



