उत्तराखण्ड
सचिवालय को मिलेगा नया छह मंजिला भवन, 60 प्रतिशत निर्माण पूरा।

संवादसूत्र देहरादून: सचिवालय परिसर में कार्यालयी सुविधाओं के विस्तार के लिए विश्वकर्मा भवन के निकट 59.34 करोड़ रुपये की लागत से छह मंजिला वैकल्पिक भवन का निर्माण किया जा रहा है। भवन में अधिकारियों के कार्यालयों, बैठक कक्षों, बैंक, डाकघर और पार्किंग की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2027 निर्धारित किया गया है। विभागीय विवरण के अनुसार परियोजना की भौतिक प्रगति 60 प्रतिशत हो चुकी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग की ओर से संचालित इस परियोजना का उद्देश्य सचिवालय में कार्यालयी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करना और उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग करना है। इसके लिए 26 मार्च 2025 को शासनादेश जारी किया गया था। भवन निर्माण की कुल स्वीकृत लागत 5934.71 लाख रुपये है। इसमें 4127.05 लाख रुपये सिविल कार्यों और 1807.26 लाख रुपये विद्युतीकरण के लिए निर्धारित किए गए हैं।
34×74 मीटर आकार के प्लॉट पर बन रहे इस भवन के लिए 2516 वर्गमीटर भूमि उपलब्ध है। बेसमेंट सहित सभी मंजिलों का कुल निर्मित क्षेत्रफल 1,04,480 वर्गफुट होगा।
बेसमेंट में 125 वाहनों की पार्किंग
भवन के बेसमेंट में 25 कारों और 100 दोपहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। इससे सचिवालय परिसर में वाहनों के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध होगा। ग्राउंड फ्लोर पर भारतीय स्टेट बैंक, डाकघर, एक्सटेंशन लॉबी और प्रतीक्षालय प्रस्तावित हैं। इससे सचिवालय आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को बैंकिंग तथा डाक संबंधी कार्यों में सुविधा मिलेगी।
अधिकारियों के लिए अलग-अलग मंजिलों पर कार्यालय
भवन की पहली मंजिल पर सात अनुभागीय कार्यालय और चार अनुसचिव कार्यालय बनाए जाएंगे। दूसरी मंजिल पर भी इसी तरह की कार्यालयीय व्यवस्था प्रस्तावित है। दोनों मंजिलों का क्षेत्रफल 14,934 वर्गफुट प्रति मंजिल है।
तीसरी मंजिल पर पांच अपर सचिवों के कार्यालय, उनके स्टाफ कार्यालय, संयुक्त सचिवों के कार्यालय और एक बैठक कक्ष की व्यवस्था होगी। चौथी मंजिल का क्षेत्रफल भी तीसरी मंजिल के समान 14,934 वर्गफुट है। पांचवीं मंजिल पर सात सचिव कार्यालयों के साथ स्टाफ कार्यालय, प्रतीक्षालय और बैठक कक्ष बनाया जाएगा। इससे विभिन्न स्तरों के अधिकारियों के लिए कार्यालय और सहयोगी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।
60 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा
विभागीय जानकारी के अनुसार भवन का जी+5 स्तर तक स्ट्रक्चरल कार्य पूरा हो चुका है। आंतरिक ब्लॉक चिनाई का काम भी पूरा कर लिया गया है, जबकि प्लास्टर का कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा है। बाहरी प्लास्टर, टेरेस पर हेवी ट्रस लगाने, शौचालयों में प्लंबिंग और अतिरिक्त विद्युतीकरण का कार्य जारी है। परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सरकारी कार्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। छह मंजिला वैकल्पिक भवन इसी प्रयास का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि परियोजना की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि निर्माण निर्धारित समयसीमा में पूरा हो और भवन का उपयोग जल्द शुरू किया जा सके।



