उत्तराखण्ड
सेवा पखवाड़े में 20 हजार लोगों की भागीदारी, 3,500 से अधिक लाभार्थियों को मिली सरकारी योजनाओं का लाभ।

संवादसूत्र ऋषिकेश: आईडीपीएल ग्राउंड में आयोजित ‘सेवा पखवाड़ा’ कार्यक्रम सेवा, सुशासन और समर्पण का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में 20 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया। विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर अतिथियों का स्वागत किया और मुख्यमंत्री को सफल पांच वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में देहरादून, हरिद्वार और टिहरी के विभिन्न विभागों ने एक ही स्थान पर जनसेवाएं उपलब्ध कराईं। ‘इंटीग्रेटेड एफर्ट’ के तहत आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया और 3,500 से अधिक लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला।
विशाल स्वास्थ्य शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 1,009 मरीजों की जांच और उपचार किया। शिविर में 212 हड्डी रोगियों, 70 स्त्री रोगियों तथा 81 नेत्र, नाक और कान संबंधी मरीजों का उपचार किया गया। इसके अलावा 13 बच्चों का टीकाकरण, 15 आयुष्मान कार्ड, 20 आभा कार्ड बनाए गए, 95 एक्स-रे और 70 रक्त जांचें की गईं। आयुष विभाग ने 310 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाएं वितरित कीं, जबकि 23 दिव्यांग प्रमाणपत्रों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण भी किए गए।
समाज कल्याण विभाग ने विधवा, वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन के 75 मामलों को मौके पर स्वीकृति दी तथा 10 यूडीआईडी कार्ड जारी किए। वहीं 280 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। कृषि, उद्यान, उद्योग, डेयरी, मत्स्य, रेशम, पशुपालन और लीड बैंक सहित विभिन्न विभागों ने 1,200 से अधिक लाभार्थियों को अपनी योजनाओं का लाभ प्रदान किया।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों, लघु उद्योगों और विभिन्न विभागों के लाभार्थियों को भी सम्मानित किया गया। सहकारिता विभाग के पांच स्वयं सहायता समूहों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मुख्यमंत्री ने प्रत्येक को ₹5 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर जापान में रोजगार पाने वाले अल्मोड़ा, देहरादून और टिहरी के तीन युवाओं को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा मत्स्य, उद्यान, उद्योग और डेयरी विभाग के उत्कृष्ट लाभार्थियों को भी सम्मान देकर उनके कार्यों की सराहना की गई।




