उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में एसआईआर: 71 लाख मतदाताओं के फॉर्म डिजिटाइज, 8.39 लाख ‘अनकलेक्टेड’ श्रेणी में।

संवादसूत्र देहरादून:उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर शुक्रवार को सचिवालय में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने राजनीतिक दलों से ‘अनकलेक्टेड’ श्रेणी के मतदाताओं के घर-घर सत्यापन अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की।
बैठक में बताया गया कि 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर चल रही एसआईआर प्रक्रिया के तहत 8 जून से 7 जुलाई तक गणना पत्रों के वितरण और डिजिटाइजेशन का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के कुल 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं में से अब तक 70 लाख 98 हजार 501 मतदाताओं के फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 8 लाख 39 हजार 486 मतदाता ‘अनकलेक्टेड’ श्रेणी में हैं। इनमें 1 लाख 23 हजार 836 मृत, 4 लाख 77 हजार 148 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 61 हजार 764 पहले से पंजीकृत, 1 लाख 68 हजार 259 अनुपस्थित तथा 8 हजार 479 अन्य कारणों से इस श्रेणी में शामिल हैं। इस प्रकार अब तक कुल 79 लाख 45 हजार 658 मतदाताओं का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट रोल) 14 जुलाई 2026 को प्रकाशित किया जाएगा। 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी, जबकि 14 जुलाई से 11 सितंबर तक उनका निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर 2026 को प्रकाशित होगी।
डॉ. जोगदंडे ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 11,733 मतदान केंद्रों के सापेक्ष विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा अब तक 23,102 बीएलए नियुक्त किए जा चुके हैं।
बैठक में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास तथा भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बसपा और सीपीआई (एम) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




