उत्तराखण्ड
‘फिट इंडिया संडेज़ ऑन साइकिल’ का 61वां एडिशन, स्टार एथलीट्स के साथ युवाओं की जोशीली भागीदारी।

संवादसूत्र देहरादून: राजधानी देहरादून 15 फरवरी 2026 को सुबह 7:30 बजे परेड ग्राउंड में ‘फिट इंडिया संडेज़ ऑन साइकिल’ के 61वें एडिशन की मेजबानी करेगा। यह आयोजन देशव्यापी Fit India Movement के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य फिटनेस को जनआंदोलन बनाना है।
यह विशेष कैंपस-फोकस्ड एडिशन कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के युवाओं को साइकिलिंग और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। कार्यक्रम में छात्र, नागरिक, फिटनेस प्रेमी और नामचीन खिलाड़ी एक साथ साइकिलिंग करते नजर आएंगे।
स्टार एथलीट्स की दमदार मौजूदगी
इस आयोजन में महिला हैवीवेट बॉक्सर Nupur Sheoran, पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय हॉकी गोलकीपर एवं कोच Yogita Bali, अर्जुन अवॉर्डी बास्केटबॉल खिलाड़ी Vishesh Bhriguvanshi, फेंसर Rishika Khajuria तथा ट्रिपल जंप गोल्ड मेडलिस्ट Niharika Vashisht सहित कई प्रमुख खिलाड़ी शामिल होंगे।
पूर्व WWE स्टार Shanky Singh भी युवाओं के साथ साइकिलिंग कर फिटनेस का संदेश देंगे।
कार्यक्रम में सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री Trivendra Singh Rawat तथा पूर्व मुख्यमंत्री Bhagat Singh Koshyari की उपस्थिति भी रहेगी।
जन आंदोलन बना ‘फिट इंडिया संडेज़ ऑन साइकिल’
दिसंबर 2024 में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री Mansukh Mandaviya द्वारा शुरू की गई यह पहल अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। देशभर में 2.5 लाख से अधिक स्थानों पर 25 लाख से ज्यादा लोग इससे जुड़ चुके हैं।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम Mann Ki Baat में कई बार इस पहल का उल्लेख करते हुए इसे स्वस्थ और सक्रिय भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
यह अभियान #FightObesity और #PollutionKaSolution जैसे महत्वपूर्ण संदेशों को आगे बढ़ाता है, जिससे नागरिक फिटनेस के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी योगदान दे सकें।
फिटनेस को बनाएं रोज़मर्रा की आदत
29 अगस्त 2019 को शुरू किए गए फिट इंडिया मूवमेंट का उद्देश्य फिटनेस को लोगों की दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाना है। यह अभियान व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
देहरादून में होने वाला 61वां एडिशन एक स्पष्ट संदेश देता है—फिटनेस कोई एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की आदत है, और जब समाज मिलकर आगे बढ़ता है, तो स्वास्थ्य एक राष्ट्रीय शक्ति बन जाता है।




